Hathras Stampede : घटनास्थल पर पहुंचे सीएम योगी, कहा- दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा, मामले की होगी न्यायिक जांच

हाथरस (उप्र)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में एक सत्संग में हुई भगदड़ की घटना की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को हाथरस में संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी। इससे पहले सीएम मुख्यमंत्री ने घायलों का हालचाल पूछने के लिए हाथरस जिला अस्पताल पहुंचे। जहां घायलों और उनके परिजनों से बात कर हाल जाना। वहीं डॉक्टरों से भी घायलों की स्थिति के विषय में जाना और समुचित उपचार के निर्देश भी दिए।
हाथरस के सिकंदरराऊ इलाके के फुलरई गांव में मंगलवार को नारायण साकार विश्व हरि के नाम से लोकप्रिय ‘भोले बाबा' के सत्संग में लाखों श्रद्धालु पहुंचे थे। इस दौरान मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई।
घटना की न्यायिक जांच भी कराएंगे : सीएम
सीएम योगी ने घटना में साजिश की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘‘यह हादसा था या कोई साजिश और अगर साजिश थी तो इसमें किसका हाथ है...इन सभी पहलुओं को जानने के लिए हम न्यायिक जांच भी कराएंगे जो हाई कोर्ट सेवानिवृत जज की अध्यक्षता में की जाएगी।'' मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इसमें प्रशासन और पुलिस के सेवानिवृत अधिकारियों को रखकर घटना की तह में जाएंगे और जो भी इसके लिए दोषी होगा उन सभी को सजा दी जाएगी।'' योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी ताकि भविष्य में होने वाले इस तरह के किसी भी बड़े आयोजन में उसे लागू किया जा सके। इन सभी चीजों को सुनिश्चित किया जाएगा।'
सीएम ने घायलों से जानी पूरी घटना
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता के मुताबिक मुख्यमत्री हाथरस जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों और उनके परिजनों से बात की। वह हर एक बिस्तर पर जाकर घायलों से मिले और पूरी घटना के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से भी घायलों की स्थिति के विषय में जाना और समुचित उपचार के निर्देश भी दिए। सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों से भी मिले और उनके साथ हुए हादसे के बारे में जानकारी ली और उनके प्रति संवेदना प्रकट की।घटनास्थल पर पहुंचे सीएम, अधिकारियों से लिया ब्यौरा
घायलों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री बारिश के बीच हाथरस के सिकंदराराऊ में उस स्थान पर भी पहुंचे, जहां मंगलवार को भगदड़ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। इससे पहले, घटना की प्रत्यक्षदर्शी और ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल ने मुख्यमंत्री को पूरी घटना के बारे में बताया। उसने बताया कि भगदड़ मचने के बाद लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए। खासतौर पर बड़ी संख्या में महिलाएं भगदड़ का शिकार बनीं। मुख्यमंत्री के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, सरकार में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, असीम अरुण और संदीप सिंह के साथ ही स्थानीय विधायक, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद भी मौजूद रहे।





















