लव जिहाद में पार्षद अनवर कादरी ने अपना जुर्म कबूला - हिंदू युवतियों को फंसाने के लिए करता था फंडिंग

लव जिहाद में पार्षद अनवर कादरी ने अपना जुर्म कबूला - हिंदू युवतियों को फंसाने के लिए करता था फंडिंग
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर -- बाणगंगा थाना क्षेत्र के मोनी बाबा इलाके की दो युवतियों से दुष्कर्म और लव जिहाद के मामले में आरोपी पार्षद अनवर कादरी उर्फ डकैत ने लव जिहाद के आरोपियों को तीन लाख रुपए देना कबूल कर लिया है साथ ही बेटी के साथ जब आमना सामना हुआ तो आरोपी की बेटी ने फरारी के दौरान होटल और अन्य खर्च का भुगतान भी किया था।

    दरअसल 29 अगस्त को  लव जिहाद के मामले में आत्म समर्पण कर चुके कांग्रेसी पार्षद अनवर कादरी उर्फ डकैत ने 14 दिन बाद लव जिहाद के दोनों ही आरोपियों को तीन लाख रुपए देने की बात कबूल कर ली है, पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि उसने फरारी के दौरान नेपाल से खरीदी गई  सिम इंदौर में सरेंडर करने से पहले की रास्ते में ही फेंक दी थी। इस दौरान अपने पिता को फरारी के दौरान मदद करने के दो मामलों में बंद डकैत की बेटी आयशा और अनवर का आमना सामना भी करवाया गया, जहां आयशा ने दिल्ली के राजशाही बाग इलाके से मनी ट्रांसफर स्टोर के माध्यम से होटल और खाने सहित अन्य बिलों का भुगतान किया था जिसका बिल भी पुलिस को मिला है। पुलिया इन सभी तथ्यों के आधार पर कोर्ट में जवाब पेश करेगी।

    वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने डकैत हो या डकैत के बाप वाले बयान के बाद उसे अपने एनकाउंटर और संपत्ति पर बुलडोजर ऐक्शन होने का डर सता रहा था। इसी डर से वह इंदौर लौट आया। यहां तक उसकी दूसरी पत्नी फरहाना भी उसके साथ थी।

    अनवर के विरुद्ध इंदौर के सभी थानों में कुल 20 मामले दर्ज हैं। कुछ समय पहले उसे भारत विरोधी नारे लगाने के मामले में भी गिरफ्तार किया गया था। तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने उस पर रासुका भी लगाई थी। पुलिस अब उसकी संपत्ति कुर्क करने वाली थी। पुलिस ने कोर्ट के माध्यम से अनवर को भगोड़ा घोषित करवा दिया था। इनाम घोषित करने के बाद कादरी की पार्षदी समाप्त किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। तत्कालीन संभागायुक्त दीपक सिंह ने उसे हाजिर होने के निर्देश दिए थे। 25 अगस्त को उसे पेश होना था, लेकिन वह कोर्ट में पेश हो गया था

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

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