छिंदवाड़ा। एक नर्स का तबादला करवाने के बदले रिश्वत मांगने वाले एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के डाटा मैनेजर को लोकायुक्त की जबलपुर पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा है। डाटा मैनेजर अपने कार्यालय में ही 50 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था, तभी लोकायुक्त पुलिस ने धर दबोचा। इसके बाद पूरा सीएमएचओ (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) छिंदवाड़ा का आफिस ही घेरे में आ गया है, जिसकी जांच लोकायुक्त पुलिस ने शुरू कर दी है।
इस बारे में लोकायुक्त एसपी जबलपुर को आवेदिका नर्सिंग आफीसर पुष्पा वडघरे पिता महादेव वडघरे, उम्र 45 वर्ष, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनाकला, जिला छिंदवाड़ा निवासी गुरैया, अष्टविनायक कालोनी, फेज-1, जिला छिंदवाड़ा ने गोपनीय शिकायत की थी। इसमें आवेदिका नर्स ने बताया था कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनाकला ब्लॉक पिण्डरई कला में पदस्थ है, जहां से अपना स्थानांतरण नजदीकी संजीवनी क्लीनिक में कराने के लिए आवेदन किया था। बावजूद तबादला नही हो रहा था, ऐसे में तबादला करवाने के एवज में एनएचएम के डाटा एंट्री आपरेटर आरोपी जितेन्द्र यदुवंशी ने 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। साथ ही रिश्वत देने पर गारंटी से काम करवाने का भरोसा दिया। इस शिकायत का सत्यापन करवाने के बाद लोकायुक्त टीम ने रिश्वतखोर डाटा मैनेजर को पकड़ने की तैयारी की।
कार्यालय में ही बेखौफ रिश्वत लेते पकड़ा गया डाटा मैनेजर
इसके बाद पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश एवं पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में जबलपुर लोकायुक्त इकाई की ट्रैप टीम रवाना हुई। इसमें टीएलओ निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया, निरीक्षक राहुल गजभिये, उप निरीक्षक शिशिर पांडेय आदि थे। इस टीम ने छिंदवाड़ा स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सीएमएचओ कार्यालय, प्रथम तल, खजरी को घेर लिया। इसके बाद आवेदिका नर्स ने जैसे ही 50 हजार रुपए की रिश्वत दी, वैसे ही आरोपी डाटा मैने संविदा जितेंद्र यदुवंशी पिता स्वर्गीय रविशंकर यदुवंशी, उम्र 48 वर्ष को रंगे हाथ पकड लिया। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7,13 (1) इ, 13 (2) के अंतर्गत कार्यवाही की गई।
सीएमएचओ अफिस में अफरा-तफरी के बाद खाली हो गया
लोकायुक्त पुलिस द्वारा रिश्वत लेते रंगे हाथा डाटा मैनेजर को गिरफ्तार किए जाने की खबर फैलते ही सीएमएचओ आफिस में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते आफिस खाली हो गया। वहीं सीनियर आफीसर भी उठकर चले गए, साथ ही मोबाइल फोन भी आफ हो गए। इस बीच बाहर जमा कर्मचारियों में कानाफूसी होती रही।
सीएमएचओ आफिस की भूमिका की जांच होगी
आरोपी डाटा आपरेटर गारंटी लेता था ट्रांसफर कराने और दूसरे काम करवाने के, जिससे सीएमएचओ आफिस भी शंका के दायरे में है। ऐसे में सीएमएचओ आफिस सहित अन्य संबंधित कर्मचारियों की भी जांच की जाएगी, जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-अंजू पटले, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त, जबलपुर