Garima Vishwakarma
29 Jan 2026
12वीं के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा और CUET (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) की तैयारी एक साथ करना किसी चुनौती से कम नहीं होता। एक तरफ बोर्ड एग्जाम में आपको पढ़ना होता है, लंबे और सही जवाब लिखने होते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ CUET में सवाल ऑब्जेक्टिव होते हैं, जहां स्पीड और एक्यूरेसी सबसे ज्यादा मायने रखती है। ऐसे में स्टूडेंट्स अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं कि क्या पढ़ें, किसे पहले पढ़ें और दोनों परीक्षाओं के बीच सही बैलेंस कैसे बनाएं।
खासतौर पर वो छात्र जो इस समय बोर्ड की तैयारी में जुटे हैं और साथ ही CUET को लेकर भी गंभीर हैं, उनके लिए सही रणनीति बेहद जरूरी है। बोर्ड परीक्षा स्कूल की पढ़ाई का नतीजा तय करती है, लेकिन CUET आगे कॉलेज और करियर का रास्ता खोलती है। इसलिए दोनों की तैयारी को समझदारी से प्लान करना बहुत जरूरी है।
बोर्ड और CUET दोनों की तैयारी साथ करने के लिए सबसे पहले सही टाइम टेबल बनाना जरूरी है। दिन की शुरुआत कठिन विषयों से करें, जब दिमाग फ्रेश होता है। दोपहर या शाम के समय रिवीजन और प्रैक्टिस के लिए रखें।
अगर आप वीकडे में बोर्ड की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देते हैं, तो वीकेंड को CUET के लिए इस्तेमाल करें। शनिवार और रविवार को मॉक टेस्ट, प्रैक्टिस पेपर और ऑब्जेक्टिव सवाल हल करें। इससे दोनों परीक्षाओं का संतुलन बना रहेगा।
बोर्ड और CUET का सिलेबस अलग लग सकता है, लेकिन हकीकत में कई टॉपिक्स कॉमन होते हैं। जैसे- गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी। इन विषयों को एक बार अच्छे से समझ लिया जाए, तो दोनों परीक्षाओं में फायदा मिलता है।
बोर्ड में लिखित उत्तर देने होते हैं और CUET में सही ऑप्शन चुनना होता है, इसलिए रटने की बजाय कॉन्सेप्ट क्लियर करें। यहां NCERT आपकी सबसे बड़ी ताकत है। CUET का लगभग 90-95 प्रतिशत सिलेबस NCERT पर आधारित होता है, चाहे आप CBSE से हों या किसी भी स्टेट बोर्ड से।
CUET में अच्छा स्कोर करने के लिए स्पीड और सटीकता दोनों जरूरी हैं। इसके लिए पिछले सालों के सवालों को हल करना बहुत फायदेमंद होता है। इससे आपको पेपर पैटर्न समझ में आता है।
नियमित मॉक टेस्ट देने से समय प्रबंधन बेहतर होता है और परीक्षा का डर भी कम होता है। वीकेंड पर रीजनिंग, बेसिक मैथ्स और भाषा विषयों की प्रैक्टिस जरूर करें। इससे CUET में आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
हर चैप्टर के पॉइंट्स को छोटे नोट्स में लिख लें। फॉर्मूले, डेफिनिशन और जरूरी फैक्ट्स को अलग से नोट करें। हफ्ते में एक बार पुराने टॉपिक्स का रिवीजन करें। परीक्षा से पहले यही नोट्स सबसे ज्यादा काम आते हैं और आखिरी समय में पूरी किताब पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती।
बाजार में बहुत सारी किताबें उपलब्ध हैं, लेकिन सब पढ़ना जरूरी नहीं है। सबसे पहले NCERT को अच्छी तरह समझें। इसके अलावा CUET के लिए बनी गाइड बुक्स और ऑनलाइन मटेरियल का सहारा ले सकते हैं। यूट्यूब चैनल्स और एजुकेशनल ऐप्स भी तैयारी में मदद कर सकते हैं।
अगर किसी टॉपिक में दिक्कत आ रही है, तो उसे नजरअंदाज न करें। अपने टीचर्स, मेंटर्स या सीनियर्स से मदद लें। ऑनलाइन वीडियो और वेबसाइट्स से भी डाउट क्लियर किए जा सकते हैं। समय रहते सवाल पूछना आपको बड़ी गलती से बचा सकता है।