Naresh Bhagoria
29 Jan 2026
Naresh Bhagoria
29 Jan 2026
Shivani Gupta
29 Jan 2026
Garima Vishwakarma
29 Jan 2026
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। इस आर्थिक सर्वेक्षण में साफ तौर पर जोर दिया गया है कि सभी आयु वर्ग के लोगों को अपने आहार में सुधार करने की जरूरत है और संतुलित पोषण को सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्राथमिकता बनाया जाना चाहिए।
आर्थिक समीक्षा के अनुसार, अस्वास्थ्यकर आहार, आरामतलब जीवनशैली, अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों (Ultra-Processed Food – UPF) का बढ़ता सेवन और पर्यावरणीय कारक मोटापे के प्रमुख कारण हैं। इस जीवनशैली के चलते डायिबटीज, हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गैर-संचारी बीमारियों (NCDs) का जोखिम बढ़ रहा है, जो शहरी और ग्रामीण—दोनों आबादी को प्रभावित कर रहा है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5, 2019-21) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 24 प्रतिशत महिलाएं और 23 प्रतिशत पुरुष अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं। 15-49 वर्ष की आयु वर्ग में 6.4 प्रतिशत महिलाएं और 4 प्रतिशत पुरुष मोटापे की श्रेणी में आते हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति बच्चों की है—पांच साल से कम उम्र के बच्चों में अधिक वजन के मामले 2015-16 के 2.1 प्रतिशत से बढ़कर 2019-21 में 3.4 प्रतिशत हो गए हैं।
आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि 2020 में भारत में 3.3 करोड़ से अधिक बच्चे मोटापे से ग्रस्त थे। अनुमान है कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहा तो यह संख्या 2035 तक 8.3 करोड़ तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बचपन में मोटापा आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
सर्वेक्षण के मुताबिक, भारत UPF की बिक्री के लिए दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल है। 2009 से 2023 के बीच इसकी बिक्री में 150 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। खुदरा बिक्री 2006 में 0.9 अरब डॉलर से बढ़कर 2019 में लगभग 38 अरब डॉलर तक पहुंच गई। समीक्षा में कहा गया है, इसी अवधि के दौरान पुरुषों और महिलाओं दोनों में मोटापा लगभग दोगुना हो गया है।
आर्थिक सर्वे ने UPF के विज्ञापनों—खासतौर पर सुबह से देर रात तक—पर प्रतिबंध लगाने और शिशु व छोटे बच्चों के दूध एवं पेय पदार्थों के विपणन पर रोक लगाने पर भी विचार करने की सिफारिश की है। साथ ही, लैंसेट सीरीज के हवाले से कहा गया है कि UPF का अधिक सेवन मोटापा, हृदय रोग, मधुमेह, श्वसन और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा है।