बिहार विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू, CEC ज्ञानेश कुमार बोले- 22 नवंबर से पहले होगा मतदान, SIR को लेकर कही ये बात

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर काउंटडाउन शुरू हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि बिहार विधानसभा चुनाव की पूरी प्रक्रिया 22 नवंबर से पहले पूरी कर ली जाएगी।
उन्होंने कहा- मैं बिहार के सभी मतदाताओं से अपील करता हूं कि जिस तरह हम अपने त्योहारों को उल्लास और श्रद्धा से मनाते हैं, उसी तरह लोकतंत्र के इस महापर्व को भी उत्सव की तरह मनाएं। अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें, जिम्मेदारी निभाएं और मतदान अवश्य करें।
विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए उससे पहले चुनाव कराना संवैधानिक रूप से आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आयोग की तैयारियां पूरी हैं और 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रक्रिया तय समयसीमा में संपन्न कराई जाएगी। बिहार में हाल ही में हुई तैयारियों की समीक्षा के बाद चुनाव आयोग ने साफ किया है कि चुनाव में लागू नई पहलें भविष्य में पूरे देश में लागू की जाएंगी।
राजनीतिक दलों से लेकर अफसरों तक से संवाद
चुनाव आयोग की पूरी टीम दो दिनों से बिहार में सक्रिय रही। इस दौरान टीम ने राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों, राज्य के शीर्ष चुनाव अधिकारियों, प्रवर्तन एजेंसियों, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), विशेष पुलिस नोडल अधिकारी (SPNO) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के नोडल अधिकारियों के साथ बैठकर तैयारियों की समीक्षा की। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि इस बार आयोग की कोशिश है कि मतदान प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और मतदाता-हितैषी बने।
SIR प्रक्रिया से मतदाता सूची का शुद्धिकरण
CEC ने बताया कि बिहार में SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया सफलता पूर्वक पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण में अभूतपूर्व कार्य किया है। बिहार के 90,217 BLO ने अपने बूथों पर मतदाता सूची को अद्यतन किया और लाखों गलत या डुप्लीकेट एंट्री हटाईं। इस उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि “यह कार्य पूरे देश में अनुकरणीय है।”
अब किसी भी बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे
चुनाव आयोग ने एक अहम निर्णय लेते हुए कहा कि अब किसी भी पोलिंग बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता पंजीकृत नहीं होंगे। इससे मतदान प्रक्रिया और सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी। आयोग ने बताया कि यह व्यवस्था पूरे देश में लागू की जाएगी। BLO अब सीधे मतदाताओं से संपर्क करेंगे और उन्हें पहचान में आसानी के लिए ID कार्ड प्रदान किए जाएंगे।
पोलिंग बूथ पर मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे मतदाता
CEC ज्ञानेश कुमार ने बताया कि अब मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को मोबाइल फोन लेकर जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए बूथ के बाहर मोबाइल रखने की व्यवस्था की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य मतदान केंद्र के अंदर किसी तरह की इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या व्यवधान को रोकना है।
हर बूथ पर 100% वेबकास्टिंग
चुनाव आयोग ने घोषणा की कि बिहार में सभी पोलिंग स्टेशनों पर 100% वेबकास्टिंग की जाएगी। इससे मतदान के हर चरण की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। इसके साथ ही अब हर प्रत्याशी अपने एजेंट को बूथ से 100 मीटर की दूरी तक तैनात कर सकता है, जिससे पारदर्शिता और बढ़ेगी। CEC ने बताया कि EVM पर अब ब्लैक एंड व्हाइट बैलेट पेपर की जगह कलरफुल फोटो और सीरियल नंबर के साथ बैलेट पेपर होंगे, जिससे प्रत्याशी की पहचान में आसानी होगी।
वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म
- CEC ने कहा कि बिहार में इस चुनाव के दौरान वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म लागू किया जाएगा।
- यह प्लेटफ़ॉर्म मतदान कर्मियों, प्रत्याशियों और मतदाताओं- तीनों के लिए एक समग्र सूचना प्रणाली के रूप में काम करेगा।
- उन्होंने कहा कि “इस बार की कई नई पहलें बिहार से शुरू होंगी, जिन्हें आगे चलकर पूरे देश में अपनाया जाएगा।”
मतदाताओं से विशेष अपील
प्रेस वार्ता के अंत में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा- चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है। मैं बिहार के हर मतदाता से आग्रह करता हूं कि वे मतदान अवश्य करें, क्योंकि आपकी एक वोट राज्य के भविष्य की दिशा तय करती है।












