मुंबई। दिवाली के शुभ अवसर पर आयोजित विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र ने इस बार भारतीय शेयर बाज़ारों में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। इस समय सेंसेक्स 112.08 अंक की बढ़त के साथ कर 84475.45 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जबकि निफ्टी 42.45 अंक की तेजी के साथ 25, 865 के स्तर पर है। इस वर्ष पहली बार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने मुहूर्त ट्रेडिंग के समय बदलकर दोपहर के स्लॉट में किया है। यह विशेष ट्रेडिंग सत्र 21 अक्टूबर को दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले प्री-ओपन सेशन 1:30 बजे शुरू हुआ, जबकि क्लोजिंग सेशन और ट्रेड मॉडिफिकेशन प्रक्रिया शाम 3:15 बजे तक संपन्न होगी।
ट्रेडिंग शुरू होने से पहले अधिकांश ब्रोकर और निवेशक चोपड़ा पूजन (खाते-बही की पूजा) करते हैं, जिसे धन की देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रतीक माना जाता है। यह परंपरा 1957 में बीएसई द्वारा शुरू की गई थी और 1992 में एनएसई ने इसे अपनाया। इस साल के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में बाजार की शुरुआत मजबूत रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स ने अच्छी बढ़त दर्ज की, वहीं निफ्टी 50 सूचकांक 25,900 के ऊपर निकल गया। इस तेजी का श्रेय निवेशकों के सकारात्मक मूड, बेहतर कॉर्पोरेट आय के आंकड़ों और त्योहारी मांग में सुधार को दिया जा रहा है। इस सत्र में इंफोसिस शीर्ष बढ़त वाले शेयरों में शामिल रही, जिसका शेयर 1.06% की बढ़त के साथ ₹1,477 तक पहुंच गया। इसके अलावा टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में भी सकारात्मक रुझान देखा गया। वहीं, स्विगी का शेयर भी टॉप गेनर्स में रहा।
त्योहारों के इस मौसम में निवेशक नई शुरुआत को शुभ मानते हुए अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करने और नए स्टॉक्स में पोजीशन लेने की रणनीति अपनाते हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह सत्र भले ही मात्र एक घंटे का होता है, लेकिन इसका प्रतीकात्मक और भावनात्मक महत्व अत्यधिक है-क्योंकि इसे समृद्धि का द्वार माना जाता है। निवेश सलाहकारों का अनुमान है कि दिवाली के बाद आने वाले महीनों में भारतीय शेयर बाजार घरेलू मांग, स्थिर आर्थिक नीतियों और वैश्विक निवेश प्रवाह के चलते सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगा। आईटी, बैंकिंग, उपभोक्ता वस्तु और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों को निवेशकों द्वारा विशेष रूप से प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। इस प्रकार, सम्वत 2082 की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए एक शुभ संकेत लेकर आई है, जहां पारंपरिक आस्था, आधुनिक वित्तीय रणनीति और निवेशकों की उम्मीदें एक साथ नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर दिखाई दे रही हैं।