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डिंडौरी में लापरवाही-निगवानी ओपन कैप में सड़ी 15 हजार बोरी धान, बोरों में ही उगे पौधे

डिंडौरी के निगवानी वेयरहाउस ओपन कैप में रखरखाव के अभाव में करीब 15 हजार बोरी धान खराब हो गई। बारिश, सीलन और चूहों के कारण बारदाने गल गए और कई बोरियों में धान अंकुरित हो गई। वर्ष 2022 में खरीदी के बाद समय पर उठाव नहीं होने को बर्बादी की प्रमुख वजह बताया गया है।
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डिंडौरी में लापरवाही-निगवानी ओपन कैप में सड़ी 15 हजार बोरी धान, बोरों में ही उगे पौधे
डिंडौरी। निगवानी वेयरहाउस ओपन कैंप में रखी धान अंकुरित हो गया।

डिंडौरी। जिले के निगवानी वेयरहाउस ओपनकैप में खुले आसमान के नीचे रखी हजारों क्विंटल धान रखरखाव के अभाव में बर्बाद हो गई। लगातार बारिश, सीलन और चूहों के प्रकोप से बारदाने गल चुके हैं तथा कई जगह धान बोरियों के भीतर ही अंकुरित हो गई है। कैंप में कुल 75 ओपन स्टेक मौजूद हैं, जिनमें से करीब 15 हजार बोरियां पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। वर्ष 2022 में खरीदी के बाद से समय पर उठाव न होना इस भारी बर्बादी का मुख्य कारण बना।

अनाज गीला होकर काला पड़ा

मजदूर कोदूलाल, मातादीन, गणेश आदि ने बताया कि, कैप में रखी धान में से लगभग 15 हजार बोरियां बारिश से खराब हो चुकी हैं। अनाज गीला होकर काला पड़ गया है। हमें जो निर्देश मिले हैं, उसके तहत सही धान अलग कर रहे हैं। वर्तमान में मजदूर खराब और सुरक्षित धान को छांटने में लगे हैं। सही धान को नए बारदानों में भरकर मिलों में भेजा जा रहा है, जबकि सड़े हुए अनाज के ढेर वेयरहाउस परिसर में लगे हैं।

यहां भी नजर आई लापरवाही

इसी प्रकार 11 अगस्त 2026 को उमरिया जिले में चंदिया स्थित बेसहनी ओपन कैप में भी भंडारण व्यवस्था में लापरवाही सामने आई है। यहां 10,800 मीट्रिक टन क्षमता वाले इस कैप में फटी तिरपालों के कारण बारिश का पानी सीधे बोरियों तक पहुंच रहा है, जिससे धान अंकुरित होने लगा है। लगातार बारिश से अनाज खराब होने का खतरा बढ़ गया है, वहीं जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।

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जून 2025 में भी सड़ गया था 98 हजार क्विंटल धान

वहीं जून 2025 में लापरवाही के चलते शहडोल के चन्नौड़ी ओपन कैप में 6 महीने से खुले में रखा 98 हजार क्विंटल धान बारिश में भीगकर सड़ गया था। फटे तिरपाल और जलभराव से बोरियों में अंकुर निकल आए हैं। एनसीसीएफ व नागरिक आपूर्ति निगम की अनदेखी से सैकड़ों बोरियां बर्बाद हो गर्इं।

कंपनी ब्लैकलिस्ट, धान नहीं उठाया

वर्ष 2022 में उपार्जन का ठेका गोगरिन कंपनी को मिला था, लेकिन कंपनी ब्लैकलिस्ट हो जाने के कारण धान का समय पर उठाव नहीं हो सका। खराब धान के निस्तारण और नीलामी का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

वैद्यनाथ वासनिक, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी, डिंडौरी

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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