प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू : ई-अटेंडेंस से ग्रेड-पे तक की मांगों पर अड़े कृषि विस्तार अधिकारी

सीहोर। मध्यप्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ ने लंबे समय से लंबित मांगों पर शासन की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं होने के विरोध में प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संघ का कहना है कि कई स्तरों पर मांगों को शासन के समक्ष रखने और चरणबद्ध आंदोलन करने के बावजूद अब तक समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। इसके चलते कृषि विस्तार अधिकारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का निर्णय लिया है।
ई-अटेंडेंस खत्म करने सहित कई मांगें
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष मोहन डामोर ने बताया कि कृषि विस्तार अधिकारी लंबे समय से ई-एचआरएमएस (eHRMS) प्रणाली में अनिवार्य ई-अटेंडेंस समाप्त करने, ₹2800 ग्रेड-पे देने और अतिरिक्त केंद्र भत्ते को ₹500 से बढ़ाकर ₹5000 प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा पटवारियों के समान ₹4000 एग्री स्टेक भत्ता दिए जाने सहित अन्य मांगें भी शासन के समक्ष रखी गई हैं।
चरणबद्ध आंदोलन के बाद भी नहीं बनी बात
संघ के अनुसार मांगों के निराकरण के लिए कृषि विस्तार अधिकारियों ने पहले शासन को ज्ञापन सौंपे। इसके बाद ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार और कलमबंद कार्य बहिष्कार जैसे आंदोलन किए गए। आंदोलन को प्रदेश स्तर पर मजबूती देने के लिए 21 अगस्त को भोपाल के अंबेडकर पार्क में प्रांतीय धरना प्रदर्शन भी किया गया। संघ का कहना है कि लगातार आंदोलन और मांगों की जानकारी शासन तक पहुंचाने के बावजूद कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया।
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सामूहिक अवकाश के बाद हड़ताल का फैसला
मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए 24 अगस्त को प्रदेशभर के कृषि विस्तार अधिकारी सामूहिक अवकाश पर रहे। संघ को उम्मीद थी कि इसके बाद शासन स्तर पर बातचीत अथवा मांगों के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक लगातार नजरअंदाज किए जाने के कारण अब अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
आज से प्रदेशभर में हड़ताल
संघ ने घोषणा की है कि 25 अगस्त से प्रदेश के सभी कृषि विस्तार अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। इससे कृषि विभाग से जुड़े मैदानी स्तर के कार्यों पर असर पड़ने की संभावना है। कृषि विस्तार अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों से जुड़े विभागीय कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में लंबे समय तक हड़ताल जारी रहने पर कृषि संबंधी विभागीय गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
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शासन से शीघ्र समाधान की मांग
कृषि विस्तार अधिकारी संघ ने शासन से अपनी लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। संघ का कहना है कि अधिकारी लंबे समय से अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और चरणबद्ध आंदोलन के बावजूद समाधान नहीं होने से उनमें नाराजगी बढ़ रही है। अब शासन से स्पष्ट एवं सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा है, ताकि अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कर अधिकारी अपने कार्यों पर लौट सकें।





















