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iPhone नहीं, माता-पिता को साथ देखना चाहता था 19 साल का कुणाल चांदगुडे

iPhone की मांग नहीं, आखिर 19 साल का कुणाल चांदगुडे किस दर्द से गुजर रहा था? माता-पिता को साथ देखने की चाहत, खुवड़िया पहाड़ पर पहुंचने की वजह और बेटे को बचाने पहुंचे पिता की दर्दनाक मौत ने पूरे मामले को उलझा दिया है। जानिए पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया।
iPhone नहीं, माता-पिता को साथ देखना चाहता था 19 साल का कुणाल चांदगुडे

छत्रपति संभाजीनगर में 19 वर्षीय कुणाल चांदगुडे की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। शुरुआत में सोशल मीडिया पर इस घटना को iPhone की मांग से जोड़कर कई तरह के दावे किए गए, लेकिन पुलिस जांच और परिवार से सामने आई जानकारी कहानी की एक अलग तस्वीर पेश कर रही है। परिवार के मुताबिक, कुणाल किसी महंगे फोन को लेकर परेशान नहीं था। उसकी सबसे बड़ी चिंता अपने माता-पिता के बीच चल रहा तनाव था। वह चाहता था कि दोनों के बीच मतभेद खत्म हों और उसका परिवार फिर से एक साथ रहे।

माता-पिता के रिश्ते को लेकर परेशान था कुणाल

परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, कुणाल लंबे समय से अपने माता-पिता के बीच चल रहे विवाद को लेकर परेशान था। बताया जा रहा है कि उसने दोनों के बीच सुलह कराने की कोशिश भी की थी। उसके लिए परिवार का साथ रहना किसी भी दूसरी चीज से ज्यादा महत्वपूर्ण था। हालांकि, पुलिस अभी इस पहलू की पूरी तरह पुष्टि करने में जुटी है। परिवार के कुछ सदस्यों ने पति-पत्नी के बीच विवाद और संपत्ति से जुड़े तनाव की बात कही है। वहीं, पड़ोसियों और मुरलीधर के साथ काम करने वाले लोगों का कहना है कि परिवार का माहौल सामान्य था। इन अलग-अलग दावों की वजह से जांच में हर पहलू को देखा जा रहा है।

पढ़ाई में अच्छा था, डॉक्टर बनना चाहता था

कुणाल के करीबियों के मुताबिक वह शांत स्वभाव का था और पढ़ाई में भी अच्छा था। परिवार के अनुसार, इसी साल उसने 10वीं की परीक्षा में 82 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। आगे चलकर वह डॉक्टर बनना चाहता था और एमबीबीएस की पढ़ाई करने का सपना देख रहा था। परिवार को उसके भविष्य से काफी उम्मीदें थीं। ऐसे में उसकी अचानक हुई मौत ने रिश्तेदारों और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस अब यह भी समझने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले कुणाल किस मानसिक और पारिवारिक स्थिति से गुजर रहा था।

कोचिंग के लिए निकला था, खुवड़िया पहाड़ पहुंच गया

पुलिस के मुताबिक, कुणाल सुबह घर से कोचिंग के लिए निकला था, लेकिन वह कोचिंग सेंटर नहीं पहुंचा। बाद में उसके खुवड़िया पहाड़ पर होने की जानकारी मिली। सूचना मिलने के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।परिवार के लोग भी उसे समझाने और सुरक्षित नीचे लाने के लिए वहां पहुंचे। काफी देर तक कुणाल को समझाने की कोशिश की गई। इसी दौरान उसे बचाने की कोशिश में ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।

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बेटे को बचाने पहुंचे पिता, दोनों नीचे गिरे

पुलिस के अनुसार, कुणाल के पिता मुरलीधर उसे बचाने के लिए उसके पास पहुंचे। उन्होंने कुणाल का हाथ पकड़कर उसे सुरक्षित करने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे पहाड़ से नीचे गिर गए। लेकिन इसके बाद एक और दर्दनाक घटना हुई। पिता और बेटे के नीचे गिरने के बाद मां संगीता ने भी पहाड़ से छलांग लगा दी। इस हादसे में कुणाल, उसके पिता मुरलीधर और मां संगीता-तीनों की मौत हो गई। 

परिवार के तनाव को लेकर सामने आए विरोधाभासी बयान

इस मामले में परिवार के माहौल को लेकर भी एक जैसी जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार के कुछ लोगों ने लंबे समय से पति-पत्नी के बीच विवाद होने की बात कही है। संपत्ति से जुड़े तनाव का भी जिक्र किया गया है। दूसरी तरफ, पड़ोसियों और मुरलीधर के साथ काम करने वाले लोगों ने परिवार को सामान्य बताया है। यही वजह है कि पुलिस किसी एक दावे को अंतिम सच मानकर आगे नहीं बढ़ रही। जांच में परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।

क्या परिवार को एक साथ लाने की कोशिश में था कुणाल?

इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर कुणाल खुवड़िया पहाड़ तक क्यों पहुंचा। परिवार के मुताबिक, वह अपने माता-पिता को साथ देखना चाहता था और दोनों के बीच चल रहे मतभेद खत्म कराने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, उसकी मौत के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस कुणाल के घर से निकलने के बाद की गतिविधियों, परिवार की परिस्थितियों और घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयानों को जोड़कर पूरी कड़ी समझने की कोशिश कर रही है।

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शेरू भी हुआ परिवार से अलग

इस घटना का एक भावुक पहलू परिवार का पालतू कुत्ता शेरू भी है। परिवार के सदस्यों की मौत के बाद वह करीब दो दिन तक घर में अकेला रहा। जानकारी मिलने पर पशु प्रेमी उसकी मदद के लिए आगे आए और उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिलहाल शेरू को एक आश्रय स्थल में रखा गया है। परिवार के अचानक खत्म हो जाने के बाद वह भी इस त्रासदी का एक हिस्सा बन गया है।

सोशल मीडिया के दावों से ज्यादा जरूरी है पुलिस की जांच

कुणाल चांदगुडे की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे सामने आए हैं, लेकिन पुलिस जांच अभी जारी है। iPhone को लेकर किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, परिवार की ओर से सामने आई जानकारी में कुणाल की चिंता को माता-पिता के रिश्ते और पारिवारिक तनाव से जोड़ा गया है। फिलहाल पुलिस कुणाल के आखिरी कदम, परिवार के भीतर के हालात और खुवड़िया पहाड़ पर हुए हादसे की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। इसलिए मामले में किसी एक वजह को अंतिम मानने से पहले जांच के आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है। एक होनहार 19 वर्षीय युवक और उसके परिवार की इस दर्दनाक कहानी ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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