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मंत्री विजय शाह मामले में सीधे सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट पेश करेगी मप्र सरकार, SIT को अभियोजन की मंजूरी नहीं देगी!

कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए मप्र के आदिम जाति मंत्री विजय शाह के विवादित बयान के मामले में मप्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट पेश करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को एसआईटी को  अभियोजन के निर्देश दिए हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो मप्र सरकार ने अनौपचारिक बातचीत में विजय शाह को क्लीन चिट देने का फैसला किया है। हालांकि कैबिनेट में इस विषय को एजेंडे में शामिल करने से इनकार किया गया है।   
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मंत्री विजय शाह मामले में सीधे सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट पेश करेगी मप्र सरकार, SIT को अभियोजन की मंजूरी नहीं देगी!
फाइल फोटो

भोपाल। मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान मामले में मप्र सरकार अब सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट प्रस्तुत करेगी। राज्य सरकार ने एसआईटी को मंत्री शाह पर अभियोजन के लिए स्वीकृति नहीं देने का फैसला किया है। सूत्रों की खबर है कि मंगलवार को कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्रियों और कुछ अफसरों की मौजूदगी में यह फैसला किया गया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 31 अगस्त को सुनवाई है। शाह के खिलाफ अभियोजन मंजूरी नहीं दिए जाने के पीछे तर्क दिया गया कि विजय शाह विवादित बयान को लेकर कई बार सार्वजनिक रूप से  माफी मांग चुके हैं।

एसआईटी ने सरकार से मांगी अभियोजन स्वीकृति

मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(a) के तहत अभियोजन चलाने की अनुमति मांगी है। इस मामले में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से अब तक कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई प्रस्तावित है। ऐसे में सरकार एफिडेविट के जरिए अपना पक्ष रखेगी।

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जनवरी से जुलाई तक फैसले का इंतजार 

19 जनवरी 2026 की सुनवाई में यह स्पष्ट हुआ था कि एसआईटी अपनी जांच पूरी कर चुकी है, लेकिन अभियोजन स्वीकृति का मामला सरकार के स्तर पर लंबित था। कोर्ट ने उस समय सरकार को दो सप्ताह का समय दिया था। मई में मामला फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, तब भी सरकार की ओर से कोई फैसला नहीं आया। कोर्ट ने पुराने आदेश का पालन करने के साथ चार सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। 23 जुलाई की ऑफिस रिपोर्ट में सामने आया कि 8 मई के आदेश के बावजूद दस्तावेज दाखिल नहीं किए गए थे। इस देरी के कारण सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

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महू में मंत्री विजय शाह ने दिया था विवादित बयान  

यह पूरा विवाद मई 2025 में महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ था। कार्यक्रम में मौजूद मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर टिप्पणी की थी। बयान सामने आने के बाद देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई। विजय शाह ने बाद में तीन बार माफी मांगी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी माफी पर भी नाराजगी जताई थी। 19 जनवरी की सुनवाई में कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि माफी मांगने में काफी देर हो चुकी है।

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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