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गरीबों के राशन पर डाका पड़ा भारी, सिद्दीकगंज विक्रेता पर गिरी प्रशासन की गाज; 7.70 लाख की वसूली

सिद्दीकगंज की उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण की गंभीर शिकायतों पर प्रशासन ने कार्रवाई की। विक्रेता को हटाकर प्रकरण दर्ज किया गया। स्टॉक में अंतर मिलने पर 7.70 लाख की वसूली के आदेश जारी किए।
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गरीबों के राशन पर डाका पड़ा भारी, सिद्दीकगंज विक्रेता पर गिरी प्रशासन की गाज; 7.70 लाख की वसूली
सीहोर। राशन वितरण में गड़बड़ी पर विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

सीहोर। आष्टा अनुविभाग के ग्राम पंचायत सिद्दीकगंज में शासकीय उचित मूल्य दुकान पर राशन वितरण में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति द्वारा संचालित दुकान को लेकर शिकायतें मिलने के बाद एसडीएम महेन्द्र प्रताप सिंह किरार के निर्देश पर सहायक आपूर्ति अधिकारी मिताली मेहरा ने तत्काल निरीक्षण किया। जांच के दौरान सामने आई गड़बड़ियों ने राशन वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

हितग्राहियों ने खोली दुकान की व्यवस्था की पोल

निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद हितग्राहियों ने अधिकारियों के सामने दुकान संचालन को लेकर कई गंभीर शिकायतें रखीं। लोगों ने बताया कि दुकान नियमित रूप से निर्धारित समय पर नहीं खुलती। इसके अलावा पीओएस मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया के बिना राशन सामग्री उपलब्ध कराए जाने की शिकायत भी सामने आई। गरीब हितग्राहियों को उनके हिस्से का राशन देने की व्यवस्था में नियमों की अनदेखी के आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया।

जवाब मांगा तो संतोषजनक उत्तर नहीं मिला

अधिकारियों ने मौके पर उचित मूल्य दुकान संचालक विनोद गोस्वामी से शिकायतों और निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं को लेकर जवाब मांगा। प्रशासन के अनुसार विक्रेता की ओर से संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद अधिकारियों ने मामले को महज शिकायत मानकर छोड़ने के बजाय नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता अपनाया और दुकान के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया।

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पीडीएस नियमों के उल्लंघन पर चला प्रशासन का डंडा

जांच में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की। उचित मूल्य दुकान के विक्रेता को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सामग्री वितरण के दायित्व से पृथक कर दिया गया। इस कार्रवाई के साथ प्रशासन ने साफ कर दिया कि सरकारी राशन व्यवस्था में नियमों की अनदेखी और हितग्राहियों को परेशान करने वाली शिकायतों को हल्के में नहीं लिया जाएगा।

खाद्यान्न स्टॉक में बड़ा अंतर, लाखों की वसूली तय

मामले में सबसे गंभीर बात खाद्यान्न स्टॉक में सामने आया अंतर है। निरीक्षण और जांच के बाद 7 लाख 70 हजार 442 रुपये 14 पैसे की राशि शासन मद में जमा कराने के आदेश संबंधितों के विरुद्ध दिए गए हैं। यानी राशन के स्टॉक और रिकॉर्ड में सामने आए अंतर की कीमत अब संबंधितों को आर्थिक रूप से चुकानी होगी। लाखों रुपये की वसूली के आदेश ने कार्रवाई की गंभीरता और बढ़ा दी है।

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राशन दुकानों पर मनमानी करने वालों को सीधा संदेश

इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर भी प्रशासन की निगरानी को लेकर सख्ती का संदेश गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीब और पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा और प्रक्रिया के अनुसार राशन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। ऐसे में दुकान समय पर नहीं खोलना, वितरण प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करना या स्टॉक में अंतर सामने आना प्रशासन की नजर में गंभीर मामला माना जा रहा है।

एसडीएम बोले-अनियमितता मिली तो कार्रवाई तय

एसडीएम महेन्द्र प्रताप सिंह किरार ने स्पष्ट किया है कि शासकीय उचित मूल्य दुकानों में राशन वितरण को लेकर किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत सामने आने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता से समझौता नहीं होगा और हितग्राहियों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों पर नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Sunil Sharma
By Sunil Sharma

सुनील शर्मा, सीहोर जिला ब्यूरो, पीपुल्स समाचार ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय। दैनिक भास्कर, पत्रि...Read More

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