CJP Protest: आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, ट्रेनें कैंसिल-मेट्रो बंद, इंटरनेट पर पाबंदी….दीपके बोले- प्रदर्शन तो होकर रहेगा!

नई दिल्ली। दिल्ली में शनिवार को प्रस्तावित CJP के प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है, लेकिन पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि आंदोलन होकर रहेगा। इस बीच मेट्रो स्टेशनों को बंद करने, ट्रेनों को रद्द करने और सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने जैसे कदम उठाए गए हैं। इन इंतजामों का असर राजधानी में आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है। प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है।
दीपके का सरकार को खुला संदेश
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन बुलाया है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। अभिजीत दीपके ने कहा है कि उन्हें जहां रोका जाएगा, वे वहीं विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हिरासत में लिए जाने का डर आंदोलन को नहीं रोक सकता। पार्टी ने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की है।
दिल्ली में सुरक्षा का कड़ा पहरा
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, जनपथ और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है। कई जगहों पर बैरिकेड की कई परतें लगाई गई हैं। पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है। दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बॉर्डर पर भी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का मकसद भीड़ को नियंत्रित करना और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकना है।
मेट्रो और ट्रेनों पर पाबंदी से यात्रियों की बढ़ी परेशानी
प्रदर्शन से पहले दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किए जाने की खबर है। वहीं, दिल्ली आने वाली ट्रेनों को भी रद्द करने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग रिपोर्टों में रद्द ट्रेनों की संख्या को लेकर अंतर है। कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाई गई है। इन फैसलों से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और दूसरे यात्रियों को परेशानी हो सकती है। यात्रियों को घर से निकलने से पहले संबंधित परिवहन सेवा की ताजा जानकारी जांचने की सलाह दी जाती है।
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पुलिस ने क्यों नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए आवेदन तय समय से देर से दिया गया था। पुलिस का कहना है कि ऐसे आयोजनों के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी है। इसके अलावा, नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू होने का भी हवाला दिया गया है। इस धारा के तहत प्रशासन कुछ परिस्थितियों में लोगों के जुटने पर रोक लगा सकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने आम लोगों की परेशानी पर जताई चिंता
मेट्रो और रेल सेवाओं पर पाबंदियों का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में भी उठा। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सुरक्षा के इंतजाम ऐसे होने चाहिए, जिनसे आम नागरिकों को बेवजह परेशानी न हो। अदालत ने सेवाओं को पूरी तरह रोकने के बजाय नियंत्रित तरीके से चलाने पर विचार करने की बात कही। साथ ही, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर के अलावा किसी दूसरी जगह की संभावना तलाशने का सुझाव भी दिया।
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विपक्ष के बीच भी अलग-अलग राय
CJP के प्रदर्शन को लेकर विपक्षी दलों का रुख एक जैसा नहीं है। आम आदमी पार्टी और वाम दलों ने आंदोलन में शामिल होने का ऐलान किया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने समर्थन जताया है। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए हैं।




















