Jantar Mantar Protest:CJP नेता आज रात हो सकते हैं गिरफ्तार, अभिजीत दीपके ने किया दावा

नई दिल्ली। अभिजीत दीपके ने कहा कि पिछले 35 दिनों से चल रहा धरना पूरी तरह अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीके से जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर सरकार गिरफ्तारी का रास्ता अपनाती है तो इससे आंदोलन कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत होगा। समर्थकों से उन्होंने कानून का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन आगे बढ़ाने की अपील की। साथ ही कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर धरना जारी रहेगा।
सीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की होगी गिरफ्तारी!
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है, जिसके अनुसार संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं को आज रात गिरफ्तार किया जा सकता है। इस दावे के बाद उन्होंने अपने समर्थकों को सतर्क रहने और किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहने की अपील की। दीपके ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने की कोशिश होगी। उनका कहना है कि आंदोलन किसी व्यक्ति पर नहीं, बल्कि मुद्दों पर आधारित है, इसलिए गिरफ्तारियां होने के बाद भी इसकी दिशा और उद्देश्य नहीं बदलेंगे। उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील भी की।
सरकार से पूछा, गिरफ्तारी की जरूरत क्यों?
अभिजीत दीपके ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि जब उनका संगठन पिछले 35 दिनों से पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहा है तो गिरफ्तारी का औचित्य ही नहीं उठता। आंदोलन के दौरान किसी तरह की हिंसा या अव्यवस्था की घटना सामने नहीं आई है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और उसी अधिकार का प्रयोग करते हुए उनका संगठन संविधान के दायरे में रहकर आंदोलन चला रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए, न कि दमनात्मक कार्रवाई का।
गांधी और आंबेडकर के विचारों का किया जिक्र
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक ने कहा हमारी पूरी टीम महात्मा गांधी और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर काम कर रही है। उनका कहना है कि संगठन का हर कदम संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है। आंदोलन का उद्देश्य किसी तरह का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने समर्थकों से भी अपील की कि वे हर परिस्थिति में धैर्य बनाए रखें और ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे आंदोलन की छवि प्रभावित हो।
गिरफ्तारी से आंदोलन और मजबूत होने का दावा
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि इससे पहले जब सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाया गया था, तब आंदोलन और अधिक मजबूत होकर सामने आया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के बाद भी आंदोलन को देशभर से समर्थन मिलने लगा। अगर इस बार भी संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। इसी के साथ अभिजीत ने कहा किसी भी कार्रवाई से लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
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समर्थकों से कानून का पालन करने की अपील
दीपके ने अपने समर्थकों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि संगठन के नेताओं को हिरासत में लिया जाता है तो आंदोलन की जिम्मेदारी देशभर के समर्थकों को संभालनी होगी। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से ही आगे बढ़ना चाहिए। कानून का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी तरह की हिंसा या अवैध गतिविधि आंदोलन के उद्देश्य को नुकसान पहुंचाएगी।
'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा धरना'
अभिजीत दीपके ने एक बार फिर साफ किया कि जंतर-मंतर पर चल रहा धरना तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत विरोध के लिए नहीं, बल्कि उन मुद्दों को लेकर है जिन्हें संगठन लंबे समय से उठा रहा है। दीपके ने समर्थकों से कहा कि यदि गिरफ्तारियां होती हैं तो भी आंदोलन को देश के अलग-अलग हिस्सों तक शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचाया जाए।












