दिल्ली में आज CJP की केंद्र सरकार के साथ मीटिंग :4 बार नड्डा के बुलावे को ठुकराया, दीपके बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन करेंगे

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन शुक्रवार को 35वें दिन भी जारी है। पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन के बीच आज दोपहर 12:30 बजे CJP के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्रियों के साथ अहम बैठक हो सकती है। इस बातचीत से आंदोलन की दिशा तय होने की उम्मीद जताई जा रही है।
नड्डा ने चर्चा के लिए कई बार बुलाया
इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के नेताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद सरकार ने दावा किया कि उसने चार बार CJP को बातचीत के लिए बुलाया, लेकिन प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। वहीं CJP का कहना था कि वह किसी मंत्री के घर जाकर बातचीत नहीं करेगा। संगठन की मांग है कि चर्चा किसी न्यूट्रल वेन्यू यानी निष्पक्ष स्थान पर हो।
सोनम वांगचुक ने 27वें दिन खत्म किया अनशन
26 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहने के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 27वें दिन अपना अनशन खत्म कर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से कुछ अहम आश्वासन मिलने के बाद यह फैसला लिया गया।हालांकि, CJP ने साफ कर दिया है कि आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर धरना जारी रहेगा।
दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी, 17 मेट्रो स्टेशन बंद
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजीव चौक और लोक कल्याण मार्ग समेत कुल 17 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। देर रात संसद मार्ग पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स भी तोड़ दिए थे। वहीं CJP ने आज देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया है।
पिछले चार दिन की पूरी टाइमलाइन
20 जुलाई: CJP ने संसद मार्च निकाला, इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई छात्र घायल हुए।
21 जुलाई: अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर सरकार बातचीत चाहती है तो उसे खुद आगे आना होगा।
22 जुलाई: सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार से भरोसा मिलने पर ही वह अनशन खत्म करेंगे।
23 जुलाई: CJP ने कहा कि सरकार चाहे तो बातचीत के लिए जंतर-मंतर आ सकती है।
वांगचुक ने वीडियो पर बताई 3 शर्त जिस पर तोड़ा अनशन
अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार ने उन्हें लिखित रूप में तीन महत्वपूर्ण भरोसे दिए हैं।
पहला शर्त
जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
दूसरी शर्त
जिन छात्रों ने इस पूरे विवाद के दौरान आत्महत्या की, उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने पर सरकार सहमत हुई है।
तीसरा शर्त
संसद में NEET पेपर लीक और देश की परीक्षा प्रणाली पर चर्चा कराई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सके।
विपक्ष ने पीएम के वीडियो पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर विपक्ष ने भी प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की पहली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उन्होंने कहा कि उनकी तीन मांगें हैं—धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, लाठीचार्ज के दोषियों पर कार्रवाई और छात्रों से माफी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद के भीतर बयान देना चाहिए था, न कि बाहर वीडियो जारी करना चाहिए। वहीं सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की है और शिक्षा व्यवस्था को लगातार कमजोर किया है।
CJP बोली- कैबिनेट के फैसले से नहीं, मांगें पूरी होने से मतलब
CJP के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार कैबिनेट में कोई भी फैसला ले, उससे संगठन को कोई फर्क नहीं पड़ता। उनका कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब सभी की नजर आज होने वाली सरकार और CJP की बैठक पर है, जिससे इस आंदोलन के अगले चरण की तस्वीर साफ हो सकती है।











