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Durg Bhilai:CGGST का बड़ा एक्शन,गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ की टैक्स-पेनल्टी, 90 दिन में भुगतान का आदेश

12 संपत्तियां चिन्हित, रकम नहीं चुकाई तो कुर्की की तैयारी; ‘सितार’ गुटखे के नेटवर्क पर GST जांच में बड़े खुलासे,राज्य जीएसटी विभाग की जांच के मुताबिक, गुरमुख जुमनानी से जुड़े गुटखा कारोबार का नेटवर्क कई वर्षों से संचालित होने की बात सामने आई है। विभाग ने वर्ष 2021 से 2025 के बीच के कारोबार की गणना के आधार पर टैक्स और पेनल्टी की राशि निर्धारित की है।
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CGGST का बड़ा एक्शन,गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ की टैक्स-पेनल्टी, 90 दिन में भुगतान का आदेश

रायपुर/दुर्ग भिलाई: दुर्ग के चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। राज्य जीएसटी विभाग ने जांच के बाद करीब 317 करोड़ रुपए की टैक्स और पेनल्टी का आदेश जारी किया है। कारोबारी को आदेश की तारीख से 90 दिनों के भीतर पूरी राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। भुगतान नहीं होने पर विभाग ने चिन्हित संपत्तियों की कुर्की कर बकाया राशि वसूलने की तैयारी की है।

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317 करोड़ का टैक्स-पेनल्टी आदेश, 90 दिन की मोहलत

राज्य जीएसटी विभाग की जांच के मुताबिक, गुरमुख जुमनानी से जुड़े गुटखा कारोबार का नेटवर्क कई वर्षों से संचालित होने की बात सामने आई है। विभाग ने वर्ष 2021 से 2025 के बीच के कारोबार की गणना के आधार पर टैक्स और पेनल्टी की राशि निर्धारित की है। विभाग ने आदेश जारी कर 90 दिन के भीतर करीब 317 करोड़ रुपए जमा करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर नियमानुसार संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है।

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12 संपत्तियां रडार पर, कुर्की की तैयारी

जीएसटी जांच के दौरान गुरमुख जुमनानी के मालिकाना हक वाली 12 संपत्तियों को चिन्हित किए जाने की जानकारी सामने आई है। विभाग के अनुसार, यदि तय समय में बकाया राशि जमा नहीं होती है तो इन संपत्तियों को कुर्क कर रकम की वसूली की जा सकती है। मामले में न्यायालय में चालान पेश किए जाने की भी जानकारी है। जांच के दौरान कारोबारी के तीन कर्मचारियों को सरकारी गवाह बनाए जाने और उनके शपथपत्र लिए जाने की बात भी सामने आई है।

जोरातराई और गनियारी की फैक्ट्रियों पर छापा

जीएसटी विभाग ने जुलाई 2025 में गुरमुख जुमनानी से जुड़ी जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की थी। जांच के दौरान विभाग को इन स्थानों पर गुटखे की मुख्य रूप से पैकिंग किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने गुरमुख के बेटे सागर जुमनानी से जुड़ी राजनांदगांव की कोमल फूड फैक्ट्री की भी जांच की।

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सरकारी रिकॉर्ड में मीठी सुपारी, जांच में गुटखे का कच्चा माल?

विभागीय जांच के अनुसार, कोमल फूड फैक्ट्री सरकारी दस्तावेजों में मीठी सुपारी निर्माण के लिए पंजीकृत थी। जांच में यहां गुटखे के लिए कच्चा माल तैयार किए जाने के तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। जांच के दौरान जोरातराई और गनियारी में काम करने वाले कुछ मजदूर भी कोमल फूड फैक्ट्री में मिले। मजदूरों की व्यवस्था छिंदवाड़ा के एक श्रम ठेकेदार के माध्यम से किए जाने की जानकारी सामने आई।

रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक चलता था उत्पादन

जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, गुटखे का कथित उत्पादन रात करीब 10 बजे से सुबह 7 बजे तक किया जाता था। विभाग को वर्ष 2021 से 2025 के बीच रायपुर, राजनांदगांव और दुर्ग में किराए के गोदामों के इस्तेमाल से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी है। तैयार गुटखे को बोरियों में भरकर अलग-अलग दुकानों तक पहुंचाए जाने की बात जांच में सामने आई।

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एक मिनट में 250 पैकेट, रोज 50 बोरा खपाने की जानकारी

जांच से जुड़े तथ्यों के मुताबिक ‘सितार’ गुटखे की बाजार कीमत करीब दो रुपए प्रति पैकेट बताई गई है। विभागीय जांच में गुटखे का फार्मूला तैयार करने वाले एक कर्मचारी का भी उल्लेख है, जिसे छिंदवाड़ा से बुलाए जाने की बात सामने आई। जांच के अनुसार मशीन से एक मिनट में करीब 250 पैकेट तैयार किए जाने और एक दिन में करीब 50 बोरा गुटखा बाजार में खपाए जाने की जानकारी मिली है। मजदूर महीने में लगभग 18 दिन काम करते थे।

पुलिस और खाद्य विभाग भी कर चुके हैं कार्रवाई

मामले में पुलिस और खाद्य विभाग की कार्रवाई भी सामने आ चुकी है। वर्ष 2023 में मोहन नगर पुलिस ने गुरमुख जुमनानी और उसके रिश्तेदार जगदीश को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार गुरमुख लंबे समय से जेल में है। सत्र न्यायालय से उसकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है, जबकि हाईकोर्ट में जमानत से जुड़ी सुनवाई लंबित बताई गई है।

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GST कार्रवाई के बाद फरारी का भी आरोप

जीएसटी विभाग की कार्रवाई के बाद गुरमुख के फरार होने का भी आरोप सामने आया है। विभाग का कहना है कि फरारी के दौरान उसे पुलिस और खाद्य विभाग की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी मिलने के कारण उसकी तलाश में समय लगा। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित न्यायिक और जांच प्रक्रिया के परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगी।

सील फैक्ट्री से मशीनरी निकालने का आरोप

जांच में यह आरोप भी सामने आया कि जीएसटी कार्रवाई के बाद खाद्य विभाग ने फैक्ट्री को सील किया था। इसके बाद कथित तौर पर फैक्ट्री का टीन शेड तोड़कर मशीनरी और अन्य सामान बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों के अनुसार जांच में गुटखा कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन, उत्पादन, पैकिंग, भंडारण और सप्लाई नेटवर्क की भी पड़ताल की गई। इसी विस्तृत जांच के आधार पर 317 करोड़ रुपए की टैक्स-पेनल्टी का आदेश जारी किया गया है।

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अब 90 दिन में 317 करोड़ का हिसाब

जीएसटी विभाग के आदेश के बाद गुरमुख जुमनानी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती करीब 317 करोड़ रुपए की टैक्स-पेनल्टी जमा करने की है। विभाग ने इसके लिए 90 दिनों की समयसीमा तय की है। राशि जमा नहीं होने पर 12 चिन्हित संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई हो सकती है।

PREM

मै People's Updates रायपुर,छग में CHIEF EDITOR के पद में कार्यरत हूँ।अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत...Read More

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