छत्तीसगढ़ पुलिस ने इंदौर से साइबर ठगी के 5 आरोपी गिरफ्तार : 3 युवतियां भी शामिल,शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा, डॉक्टर से 34.17 लाख लूटे

इंदौर - शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक डॉक्टर से 34.17 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने इंदौर से पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन युवतियां और दो युवक शामिल हैं। पुलिस की जांच में म्यूल बैंक खातों और सिम कार्ड के माध्यम से ठगी की रकम के लेनदेन की बात सामने आई है।
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पुलिस के मुताबिक, आरोपितों के तार इंदौर से जुड़े हुए हैं। मामले में गिरफ्तार पांचों आरोपितों से पूछताछ कर ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क, बैंक खातों और रकम के लेनदेन से संबंधित जानकारियां जुटाई जा रही हैं। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी शेयर ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर निशाना बनाया था या नहीं।
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डॉक्टर को निवेश पर मोटे मुनाफे का दिया लालच
मामला रायगढ़ जिले के जुटमिल थाना क्षेत्र का है। सोनकरपारा निवासी डॉक्टर दिलीप कुमार मिश्रा ने 27 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उन्हें शेयर ट्रेडिंग में अधिक लाभ मिलने का झांसा दिया गया। इसके बाद अलग-अलग चरणों में उनसे कुल 34 लाख 17 हजार 531 रुपये जमा कराए गए।शुरुआत में निवेश से जुड़े पोर्टफोलियो में मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया गया, जिससे निवेशक को रकम पर अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा हुआ। लेकिन जब डॉक्टर ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो वह सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्हें ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
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म्यूल बैंक खातों और सिम कार्ड से होता था लेनदेन
पुलिस की जांच में सामने आया कि कथित तौर पर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए म्यूल बैंक खातों और सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था। म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी से हासिल रकम को प्राप्त करने और आगे दूसरे खातों में भेजने के लिए कर सकते हैं।जांच के दौरान सूरज शर्मा के बैंक खाते के कथित दुरुपयोग और कमीशन मिलने से जुड़ी भूमिका भी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खातों का संचालन कौन कर रहा था, रकम किन-किन खातों में भेजी गई और इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
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तीन युवतियां और दो युवक गिरफ्तार
रायगढ़ पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें शामिल हैं:
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ज्योति मालवीय (20): मूल निवासी मोहनीपुरा, थाना ब्यावरा, जिला राजगढ़; विजय नगर, इंदौर में रह रही थी।
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तनिषा पाटिल (21): कृष्णबाग कॉलोनी, विजय नगर, इंदौर की निवासी।
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तरुण नागर (23): राजगढ़ जिले का निवासी; नंदा नगर, परदेशीपुरा, इंदौर में रह रहा था।
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गायत्री कुमारी विश्वकर्मा (21): मूल निवासी किरोड़ीमल नगर, रायगढ़; विजय नगर, इंदौर में रह रही थी।
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सूरज शर्मा (21): निवासी हिल व्यू कॉलोनी, पतरापाली, थाना कोतरारोड, रायगढ़।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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दूसरे लोगों से ठगी की आशंका, पुलिस खंगाल रही नेटवर्क
शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर ऑनलाइन निवेश कराने वाले साइबर अपराधी अक्सर फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म, भ्रामक मुनाफे और अलग-अलग बैंक खातों का सहारा लेते हैं। इस मामले में भी पुलिस जांच कर रही है कि डॉक्टर से प्राप्त रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया और क्या अन्य निवेशकों से भी इसी तरीके से पैसे लिए गए थे।




















