सुंदर पिचाई की पुरानी चेतावनी फिर चर्चा में; चैटजीपीटी से मिर्गी की दवा बंद करने की सलाह के बाद 31 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

न्यूयॉर्क। AI चैटबॉट से स्वास्थ्य सलाह लेने के खतरे एक मुकदमे से सामने आए हैं। 27 अक्टूबर 2026 को, कुन वान और मेकिन जू ने अपनी 31 साल की बेटी बोवेन वान की मौत को लेकर मुकदमा दायर किया। सिएटल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहीं वान, मिर्गी के इलाज के लिए कई सालों से चिकित्सक की सलाह पर दवाएं ले रही थीं। उनके माता-पिता का आरोप है कि चैटजीपीटी ने उन्हें बिना किसी चिकित्सीय देखरेख के, धीरे-धीरे अपनी रोज की मिर्गी-रोधी दवाओं की खुराक को शून्य तक कम करने के लिए उकसाया। इसके कारण अचानक उनकी मौत हो गई। यह मामला उस अहम सुरक्षा चेतावनी की याद दिलाता है जो गूगल के प्रमुख सुंदर पिचाई ने तीन साल पहले दी थी। उन्होंने कहा था कि मेडिकल से जुड़े सवालों के लिए बातचीत वाले AI से सलाह नहीं लेनी चाहिए।
नए चैटबॉट को परखने के लिए कहा था
जब 2022 में चैटजीपीटी शुरू हुआ तो बताया जाता है कि गूगल ने अंदरूनी तौर पर "कोड रेड" यानी आपात स्थिति घोषित की थी। कंपनी ने अपना चैटबॉट 'बार्ड' पेश किया, लेकिन एक खराब शुरुआत के कारण कंपनी के भीतर ही इसकी आलोचना हुई। फरवरी 2023 में, पिचाई ने कर्मचारियों से बात करते हुए उन्हें नए चैटबॉट को परखने के लिए कहा। कंपनी की जवाब देने की रफ्तार को लेकर बढ़ रही आलोचनाओं के बीच पिचाई ने संतुलित नजरिया अपनाने की सलाह दी थी। उन्होंने कर्मचारियों को याद दिलाया कि "हमारे कुछ सबसे कामयाब उत्पाद ऐसे थे, जो बाजार में सबसे पहले नहीं आए थे। पिचाई ने कर्मचारियों से जमीन से जुड़े रहने को कहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सबसे जरूरी काम बेहतरीन प्रोडक्ट बनाना और उन्हें जिम्मेदारी के साथ विकसित करना है। इसके बाद, मार्च 2023 में गूगल ने 'बार्ड' (Bard) के लिए अर्ली एक्सेस शुरू किया और मई 2023 बार्ड के लिए कई अपडेट्स की घोषणा की गई।
दवा को लेकर यह कहा था पिचाई ने
जून 2023 में, ब्लूमबर्ग के साथ एक इंटरव्यू में पिचाई ने कहा था कि कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें लेकर हम यह पक्का करना चाहते हैं कि वे बिल्कुल सही हों। लोग हमारे पास आते हैं और पूछते हैं, जैसे- मेरे 3 साल के बच्चे के लिए टाइलेनॉल (Tylenol) की डोज क्या होना चाहिए।यहां गलती की कोई गुंजाइश नहीं है।
चैटजीपीटी से जुड़े मौत के पुराने मामले
- ओपनएआई का चैटजीपीटी पहले भी कई विवादों में घिर चुका है। कंपनी को कई मुकदमों का सामना करना पड़ा है, जिनमें आरोप है कि चैटजीपीटी के साथ लंबी बातचीत के बाद कुछ लोगों ने आत्महत्या कर ली।
- अप्रैल 2025 में 16 साल के एडम रेन ने आत्महत्या कर ली। उनके माता-पिता की ओर से दायर मुकदमे में दावा किया गया है कि जीपीटी-4ओ ने एक हानिकारक मनोवैज्ञानिक निर्भरता पैदा कर दी थी।
- इसी तरह, नवंबर 2025 में 40 साल के एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली।
- वहीं, 25 जुलाई को 23 साल के एक युवक ने सड़क किनारे बैठकर चैटजीपीटी के साथ घंटों बातचीत करने के बाद आत्महत्या कर ली। उसके माता-पिता ने 'गलत तरीके से हुई मौत' का मुकदमा दायर किया है।




















