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फ्रांस में हैलोवीन पर शहरों में हिंसा का अलर्ट, गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज की चेतावनी, 31 अक्टूबर को 70,000 पुलिसकर्मी तैनात

फ्रांस होम मिनिस्टर लॉरेंट नुनेज ने 31 अक्टूबर हैलोवीन पर पब्लिक डिसऑर्डर का हाई रिस्क बताया, 70,000 पुलिसकर्मी तैनात, सोशल मीडिया पर सिटी सेंटर में इकट्ठा होने के आह्वान, दुकानों की सुरक्षा बढ़ी, प्रोटेस्ट की सशर्त अनुमति दी गई।
फ्रांस में हैलोवीन पर शहरों में हिंसा का अलर्ट, गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज की चेतावनी, 31 अक्टूबर को 70,000 पुलिसकर्मी तैनात
हैलोवीन पर शहरों में हिंसा का अलर्ट।

पेरिस। फ्रांस के गृह मंत्री ने शहरी हिंसा की बहुत अधिक रिस्क की चेतावनी दी है। प्रशासन देश में प्रोटेस्ट की ‘नेक्स्ट वेव’ के लिए तैयारी कर रहा है। यह शनिवार को हैलोवीन के दिन होने के आशंका है। 'ले मोंडे' की रिपोर्ट के मुताबिक, होम मिनिस्टर लॉरेंट नुनेज ने पत्रकारों को बताया कि एक हफ्ते पहले की तरह ही, पूरे फ्रांस में करीब 70,000 पुलिस अफसरों और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा। नुनेज ने कहा- 31 अक्टूबर शनिवार को पब्लिक डिसऑर्डर का बहुत अधिक रिस्क है। उन्होंने ये भी कहा कि दुकानों की सुरक्षा के लिए पिछले हफ्ते लागू किए गए सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि प्रोटेस्ट की परमिशन होगी, लेकिन "सिटी के उन सेंटर्स में नहीं, जहां पब्लिक डिसऑर्डर का खतरा है।" 

मजबूत सिक्योरिटी अरेंजमेंट तैयार करने का निर्देश दिया

बुधवार को ही जारी एक निर्देश में नुनेज ने पेरिस पुलिस चीफ और क्षेत्रीय अधिकारियों को प्रोटेस्ट के लिए एक मजबूत सिक्योरिटी अरेंजमेंट तैयार करने का निर्देश दिया था। AFP द्वारा देखे गए इस डायरेक्टिव में नुनेज ने कहा- सोशल मीडिया पर हैलोवीन के बहाने देश भर के सिटी सेंटर्स और चौराहों पर लोगों को इकट्ठा होने के लिए कई बार कॉल किया गया है। निर्देश में कहा गया है कि इन कॉल्स के एनालिसिस से कोई शक नहीं रह जाता कि इनके पीछे के लोगों का मकसद और ज्यादा हिंसा और अव्यवस्था फैलाने का है। नूनेज ने चेतावनी दी, नतीजतन, शाम की शुरुआत से लेकर देर रात तक शहरी हिंसा का खतरा बहुत अधिक रहता है।

सुरक्षा और खुफिया व्यवस्था में कमियों को माना

फ्रांस में बढ़ती महंगाई और असमानता को लेकर भारी गुस्सा देखा जा रहा है। 17 अक्टूबर को पूरे देश में हुए विरोध प्रदर्शनों ने उग्र रूप ले लिया, जिससे पिछले कुछ सालों के सबसे भयंकर दंगे भड़क उठे। इस दौरान झड़पें हुईं, बड़े पैमाने पर लूटपाट हुई और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। अधिकारियों ने सुरक्षा और खुफिया व्यवस्था में रही उन कमियों को माना है, जिनकी वजह से यह हिंसा भड़क उठी। एएफपी की खबर के मुताबिक, हालांकि पिछले हफ्ते के आखिर में हुए प्रदर्शन काफी हद तक शांतिपूर्ण रहे, लेकिन पेरिस और अन्य शहरों में सड़कों पर हिंसा की घटनाएं सामने आईं हैं।

राष्ट्रपति चुनाव से पहले प्रदर्शन

ये नए विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहे हैं जब राजनीतिक माहौल बहुत तनाव भरा है। राष्ट्रपति चुनाव में अभी छह महीने का वक्त बचा है और जनमत सर्वेक्षणों में दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन सबसे आगे चल रही हैं। सोमवार को सरकार ने छात्र प्रदर्शनकारियों की मांगों को मानने के लिए कई कदम उठाने का ऐलान किया। इनमें विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रणाली को बदलना और स्कूलों की मरम्मत के लिए कर्ज देना शामिल है।

Puneet Pandey
By Puneet Pandey

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