PU Special :भोपाल के पास मंडीदीप में बनेगा इकोनॉमिक कॉरिडोर, किसानों को 40 फीसदी हिस्सेदारी देने की तैयारी

अशोक गौतम, भोपाल। योजना के तहत मंडीदीप के आसपास उपलब्ध सरकारी जमीन के साथ किसानों की जमीन मिलाकर बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। किसानों को 40 प्रतिशत हिस्सेदारी देने और कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर चार गुना मुआवजे का विकल्प देने की योजना है। सरकार का लक्ष्य तीन साल में सड़क, बिजली, पानी और अन्य औद्योगिक सुविधाएं विकसित करना है।
मंडीदीप में किसानों की जमीन से विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र
मध्यप्रदेश सरकार मंडीदीप के आसपास उपलब्ध सरकारी जमीन के साथ किसानों की जमीन मिलाकर बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बना रही है। इसके लिए किसानों से बातचीत की जा रही है और उन्हें विकसित जमीन के जरिए उद्यमी बनने के अवसर बताए जा रहे हैं। किसानों की सहमति मिलने के बाद योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
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तीन साल में विकास, किसानों को मिलेगा विकल्प
प्लान के अनुसार, सरकार जमीन एकत्रित कर तीन वर्ष के भीतर सड़क, बिजली, पानी और अन्य औद्योगिक सुविधाएं विकसित करेगी। किसानों को 40 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की योजना है। उनके सामने कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर चार गुना मुआवजा लेने या विकसित जमीन प्राप्त करने का विकल्प रखा जा सकता है।
भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस-वे से उद्योगों को मिलेगी सुविधा
पीथमपुर में करीब 20 वर्ष पहले इसी तरह की अवधारणा तैयार की गई थी। भोपाल का शहरी विस्तार पहले ही औबेदुल्लागंज तक पहुंच चुका है और प्रस्तावित भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस-वे इस औद्योगिक कॉरिडोर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अगले चार-पांच वर्षों में एक्सप्रेस-वे तैयार होने की उम्मीद है, जिससे माल परिवहन आसान होगा और गुजरात के बंदरगाहों तक पहुंचने में लगने वाला समय कम हो सकेगा।
प्रदेश में 11 औद्योगिक पार्क विकसित करने की तैयारी
सरकार पीएम मित्र पार्क की तर्ज पर प्रदेश में 11 औद्योगिक पार्क विकसित करने की तैयारी कर रही है। इनमें सागर का मसवासी ग्रांट, सीहोर का आष्टा, उज्जैन का अवंतिका, ग्वालियर का मोहना और गुना का चैतपुरा शामिल हैं। इन पार्कों में उद्योगों को प्लग एंड प्ले सुविधाएं, रियायती दरों पर जमीन, बिजली और पानी उपलब्ध कराने की योजना है।
औद्योगिक पार्कों में सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था
प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों में उद्योगों की जरूरत के अनुसार बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें सड़क, सीवरेज, बिजली लाइन और सोलर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था शामिल है। सरकार जबलपुर-भोपाल और भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस-वे को इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में उपयोग कर इनके आसपास औद्योगिक हब तैयार करने की योजना पर भी काम कर रही है।
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मध्यप्रदेश में औद्योगिक हब विकसित करने की योजना
मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के एमडी चंद्रमौली शुक्ला ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के आसपास औद्योगिक हब तैयार किए जाएंगे। सरकारी जमीन के आसपास जिन किसानों की जमीन है, उन्हें उद्योग के लिए भूखंड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया जाएगा। उनके मुताबिक, मंडीदीप-आष्टा क्षेत्र एक बड़ा औद्योगिक हब बनेगा।




















