Naresh Bhagoria
3 Feb 2026
Manisha Dhanwani
3 Feb 2026
Manisha Dhanwani
2 Feb 2026
छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई है। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की भामरागढ़ तहसील में हुई इस कार्रवाई में C-60 कमांडोज ने 3 नक्सलियों को मार गिराया। मुठभेड़ के दौरान एक जवान शहीद हो गया, जबकि एक अन्य जवान घायल हुआ है। घायल जवान को हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया।
सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 और एक SLR राइफल बरामद की है। मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है। इस मुठभेड़ की पुष्टि महाराष्ट्र पुलिस ने की है।
6 फरवरी की सुबह अबूझमाड़ के जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने फोर्स पर फायरिंग कर दी। इसमें C-60 के कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें हेलीकॉप्टर से भामरागढ़ उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
5 फरवरी को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सली कमांडर उधम सिंह को मार गिराया था। उधम सिंह 2021 के टेकुलगुड़ेम एनकाउंटर में शामिल था, जिसमें 22 जवान शहीद हुए थे। वह प्लाटून नंबर-30 का कमांडर और जगरगुंडा एरिया कमेटी का प्रमुख था। उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव के अनुसार, साल 2025 में जिले में 163 माओवादी मारे गए। साल 2026 में अब तक 11 नक्सली ढेर हो चुके हैं। जनवरी 2024 से अब तक कुल 232 नक्सली मारे गए। 1163 नक्सली गिरफ्तार हुए। 888 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की।
तेलंगाना का रहने वाला देवजी वर्तमान में नक्सल संगठन का सबसे बड़ा नेता है। बसवाराजू के मारे जाने के बाद उसे संगठन का महासचिव बनाया गया। यह पोलित ब्यूरो मेंबर भी है। इस पर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 1 करोड़ रुपये का इनाम है।
गणपति पहले नक्सल संगठन का महासचिव था। उम्र और बीमारी के चलते उसने यह पद छोड़ दिया। इस पर भी 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम घोषित है।
झारखंड का रहने वाला भास्कर नक्सल संगठन का पोलित ब्यूरो मेंबर और ERB का इंचार्ज है। इस पर भी 1 करोड़ से ज्यादा का इनाम है।
सुकमा जिले का रहने वाला पापाराव दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य है। वह पश्चिम बस्तर डिवीजन का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य भी है। AK-47 से लैस पापाराव जंगल और इलाके की अच्छी जानकारी रखता है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इसके मारे जाने या सरेंडर करने से पश्चिम बस्तर डिवीजन पूरी तरह कमजोर हो जाएगी।