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एक और सोनम...इंदौर के राजा रघुवंशी जैसी हत्या, घूमने के बहाने पति को बाहर ले गई और प्रेमी से करवा दिया कत्ल

यह कहानी इंदौर की सोनम रघुवंशी की तरह है जिसमें उसने अपने पति राजा रघुवंशी की हनीमून पर हत्या करवा दी थी। ऐसा ही आशीष के साथ हुआ है। आशीष की शादी तीन महीने पहले अंजलि उर्फ अंजू के साथ हुई थी। इसके तीन महीने बाद ही अंजू ने अपने प्रेमी संजय ऊर्फ संजू के साथ मिलकर आशीष की हत्या करवा दी।  
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इंदौर के राजा रघुवंशी जैसी हत्या, घूमने के बहाने पति को बाहर ले गई और प्रेमी से करवा दिया कत्ल
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    श्रीगंगानगर। रावला के रहने वाले आशीष कुमार की शादी 30 अक्टूबर को अंजू उर्फ अंजलि से हुई थी। शादी के बाद अंजलि ने ससुराल में खुद को इस कदर ढाल लिया कि परिवार ही नहीं, पूरा गांव उसे आदर्श और संस्कारी बहू मानने लगा। हंसती-मुस्कुराती अंजली के चेहरे के पीछे एक खौफनाक साजिश पल रही थी, जिसकी भनक किसी को नहीं थी। तीन महीने भी पूरे नहीं हुए थे कि अंजलि ने मौका पाते ही अपने पति, शिक्षक आशीष की अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या करवा दी। यह राज सिर्फ आशीष ही जान पाया—और वह भी अपनी आखिरी सांसों के साथ।

     कॉलेज में करीबी रिश्तेदार से प्यार

    सादुलशहर की रहने वाली अंजलि का अपने ही नजदीकी रिश्तेदार संजय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों श्रीगंगानगर के एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। पढ़ाई के दौरान नजदीकियां बढ़ीं और रिश्ता प्यार में बदल गया। इस रिश्ते की जानकारी अंजलि के परिजनों को भी थी, लेकिन परिवार की सहमति इस रिश्ते के साथ नहीं थी।

    आशीष से मर्जी के खिलाफ शादी 

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    30 अक्टूबर 2025 को परिजनों ने अंजलि की मर्जी के खिलाफ उसकी शादी रावला निवासी आशीष से कर दी। आशीष एक निजी स्कूल में शिक्षक था। शादी के बाद जहां आशीष नए रिश्ते को ईमानदारी से निभा रहा था, वहीं अंजलि के मन में यह शादी एक मजबूरी बनकर रह गई। उधर अंजलि के प्यार में संजय भी बेचैन था और दोनों का रिश्ता भीतर ही भीतर सुलगता रहा।

    पढ़ाई के लिए श्रीगंगानगर जाना चाहती थी अंजलि

    अंजलि ने पति आशीष से श्रीगंगानगर में रहकर एमए की पढ़ाई करने की इच्छा जताई, लेकिन आशीष ने साफ इनकार कर दिया। यही इनकार अंजलि के मन में आग की तरह फैल गया। वह लगातार संजय से फोन पर बात करने लगी और आशीष के इस फैसले की पूरी कहानी उसे सुना दी। यहीं से साजिश की नींव मजबूत होने लगी। 

    16 दिन पहले गई थी मायके

    मायके जाने का बहाना अंजलि के लिए संजय से मिलने का जरिया बन गया। आशीष की हत्या से करीब 16 दिन पहले वह मायके गई थी। इसी दौरान अंजलि और संजय ने मिलकर आशीष को रास्ते से हटाने की पूरी योजना बना ली। हैरानी की बात यह थी कि हत्या से महज तीन दिन पहले ही आशीष ने एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक की नौकरी जॉइन की थी।

    30 जनवरी की रात क्या हुआ 

    मायके से लौटने के बाद 30 जनवरी की रात अंजलि घूमने के बहाने आशीष को बाहर ले गई। आशीष रोज अपने चचेरे भाई के साथ घूमने जाता था। उस रात भी वह खाना खाने के बाद चचेरे भाई, उसकी पत्नी और अंजलि के साथ निकला। रास्ते में अंजलि ने आशीष को थोड़ा और आगे चलने के लिए कहा और अनूपपुर रोड की तरफ मोड़ दिया। वहां पहले से अंजलि का प्रेमी संजय अपने दोस्तों रोहित और सिद्धार्थ के साथ छिपकर इंतजार कर रहा था। सुनसान सड़क पर पहुंचते ही तीनों ने आशीष पर डंडों से ताबड़तोड़ वार किए। जब इससे भी आशीष की जान नहीं गई तो मफलर से उसका गला घोंट दिया गया। वारदात के बाद अंजलि ने बेहोशी का नाटक किया और घटना को लूट दिखाने के लिए अपने ईयररिंग भी आरोपियों को दे दिए।

    कॉल डिटेल से खुला राज 

    पुलिस को शुरू से ही अंजलि की कहानी पर शक था। जब उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई तो सच्चाई सामने आ गई। हत्या से पहले और बाद में अंजलि लगातार संजय से संपर्क में थी। इसके बाद पुलिस ने संजय को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने अंजलि, उसके प्रेमी संजय निवासी जगदंबा कॉलोनी श्रीगंगानगर, रोहित उर्फ रॉकी निवासी सादुलशहर और बादल उर्फ सिद्धार्थ निवासी जगदंबा कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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