Aakash Waghmare
6 Feb 2026
Naresh Bhagoria
6 Feb 2026
Naresh Bhagoria
6 Feb 2026
भोपाल नगर निगम की आयुक्त संस्कृति जैन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उस सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्हें अदालत की अवमानना (कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट) का दोषी ठहराया गया था।
यह मामला भोपाल में अवैध निर्माण गिराने से जुड़ा है। इससे पहले जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने नगर निगम को दोषी मानते हुए कहा था कि निगम ने सुप्रीम कोर्ट की तय गाइडलाइन का पालन नहीं किया, जो कानून के शासन के खिलाफ है।
यह आदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने मार्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड बनाम नगर निगम भोपाल मामले में दिया था। सिंगल बेंच ने आयुक्त संस्कृति जैन को दोषी मानते हुए 6 फरवरी 2026 को सजा पर सुनवाई तय की थी।
भोपाल नगर निगम ने सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच में अपील की। शुक्रवार को हुई सुनवाई में डिवीजन बेंच ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी।
हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि जिस अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई की गई, वह मामला सिविल कोर्ट में पहले से विचाराधीन था। इसके बावजूद नगर निगम ने कोर्ट की अनुमति लिए बिना तोड़फोड़ कर दी।
मार्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड की संपत्ति भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित नादिर कॉलोनी में है। नगर निगम ने इसके एक हिस्से को अवैध बताते हुए तोड़ने का नोटिस दिया था। कंपनी ने इस नोटिस को सिविल कोर्ट में चुनौती दी थी। कंपनी का आरोप है कि सुनवाई पूरी होने से पहले ही 18 नवंबर 2025 को उसकी संपत्ति का फ्रंट हिस्सा गिरा दिया गया।
नगर निगम की ओर से दलील दी गई कि संबंधित निर्माण अवैध था और 7 नवंबर 2024 को दी गई अनुमति रद्द हो चुकी थी। निगम ने बताया कि 14 मई 2025 को नोटिस जारी किया गया था और इसके बाद नियमों के तहत कार्रवाई की गई।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन खुद पेश हुईं। निगम की ओर से बिना शर्त माफी मांगी गई। कोर्ट ने कहा कि तोड़े गए हिस्से को पहले जैसी स्थिति में बनाया जाए। इस पर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि तोड़े गए निर्माण को पहले जैसा बनाना संभव नहीं है।
इसके बाद कोर्ट ने कहा था कि अब आयुक्त को सजा के सवाल पर अपना पक्ष रखना होगा और 6 फरवरी को सुबह 10:30 बजे सजा पर सुनवाई तय की थी। हालांकि, डिवीजन बेंच के आदेश के बाद फिलहाल सिंगल बेंच का फैसला स्थगित हो गया है और आयुक्त को राहत मिली है।