छग के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले में EOW ने 9 हजार पन्नों का दाखिल किया छठा पूरक चालान,देवेंद्र यादव समेत 12 आरोपी रडार पर

570 करोड़ के चर्चित कोल लेवी केस में जांच तेज, विशेष अदालत में EOW ने पेश किया दस्तावेजों का बड़ा पुलिंदा,छत्तीसगढ़ के चर्चित 570 करोड़ रुपये के कोल लेवी घोटाले में EOW ने रायपुर की विशेष अदालत में 9 हजार से अधिक पन्नों का छठा पूरक चालान दाखिल किया है। चालान में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, रामगोपाल अग्रवाल और पीयूष साहू समेत 12 आरोपियों से जुड़ी जांच को आगे बढ़ाया गया है।
छग के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले में EOW ने 9 हजार पन्नों का दाखिल किया छठा पूरक चालान,देवेंद्र यादव समेत 12 आरोपी रडार पर

प्रेम कुमार,रायपुर:  छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 570 करोड़ रुपये के कोल लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने जांच को आगे बढ़ाते हुए रायपुर की विशेष अदालत में 9 हजार से अधिक पन्नों का छठा पूरक चालान पेश किया है। इस कार्रवाई में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, रामगोपाल अग्रवाल और IAS रानू साहू के भाई पीयूष साहू समेत 12 आरोपियों से जुड़ी जांच को आगे बढ़ाया गया है। चालान दाखिल होने के बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया तेज होने के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

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EOW ने कोर्ट में रखा 9 हजार पन्नों का दस्तावेजी रिकॉर्ड

आर्थिक अपराध शाखा ने सोमवार को रायपुर की विशेष अदालत में कोल लेवी घोटाले से जुड़ा छठा पूरक चालान दाखिल किया। बताया गया है कि यह चालान 9 हजार से अधिक पन्नों का है। इसमें जांच के दौरान सामने आए दस्तावेज, साक्ष्य और आरोपियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है।

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देवेंद्र यादव समेत 12 आरोपी जांच के घेरे में

छठे पूरक चालान में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, रामगोपाल अग्रवाल और पीयूष साहू समेत 12 प्रमुख आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है। अब कोर्ट में चालान के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी।

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क्या है 570 करोड़ का पूरा कोल लेवी कनेक्शन?

जांच एजेंसियों के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन करने वाले कारोबारियों से प्रति टन 25 रुपये की कथित अवैध वसूली की जाती थी। आरोप है कि यह रकम एक संगठित नेटवर्क के जरिए अधिकारियों, कारोबारियों, राजनीतिक लोगों और बिचौलियों तक पहुंचती थी। ED इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। वहीं EOW/ACB की जांच में कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और आपराधिक षड्यंत्र के पहलुओं को शामिल किया गया है।

ED की जांच में करीब 540 करोड़, EOW में 570 करोड़ का आंकड़ा

कोल लेवी मामले में अलग-अलग जांच एजेंसियों की जांच का फोकस अलग-अलग पहलुओं पर है। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में कथित अवैध वसूली की रकम करीब 540 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि EOW/ACB की जांच में घोटाले का आंकड़ा करीब 570 करोड़ रुपये बताया जाता है। यही वजह है कि यह मामला छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित आर्थिक अपराध मामलों में लगातार बना हुआ है।

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कोर्ट से बाहर देवेंद्र यादव के तेवर, सरकार पर सीधा हमला

विशेष अदालत में पेशी के बाद कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने मीडिया से बातचीत में सरकार और जांच एजेंसियों पर निशाना साधा। यादव ने कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, लेकिन वर्तमान सरकार पर भरोसा नहीं है। उन्होंने खुद को राहुल गांधी का सिपाही बताते हुए कहा कि वह अपनी लड़ाई मजबूती से जारी रखेंगे।

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'जेल की सलाखें हौसला नहीं तोड़ पाईं'—यादव

देवेंद्र यादव ने अपने बयान में कहा कि जेल की सलाखें पहले भी उनका हौसला नहीं तोड़ पाईं, तो यह कथित षड्यंत्र भी उन्हें नहीं तोड़ सकता। उनके इस बयान के बाद कोल लेवी मामले ने एक बार फिर कानूनी कार्रवाई से आगे राजनीतिक रंग पकड़ लिया है।

चिंतामणि महाराज का नाम लेकर लगाए गंभीर आरोप

देवेंद्र यादव ने इस दौरान भाजपा नेता चिंतामणि महाराज का भी जिक्र किया। यादव का दावा है कि मामले की शुरुआती FIR में चिंतामणि महाराज का नाम शामिल था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद उनका नाम जांच से गायब हो गया। हालांकि यह देवेंद्र यादव का राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की जा रही है।

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बीजेपी का पलटवार—'कानून से किसी को डरने की जरूरत नहीं'

देवेंद्र यादव के आरोपों पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और भाजपा नेताओं ने पलटवार किया। भाजपा नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं और मामले में जिसका भी नाम सामने आएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। भाजपा नेताओं ने यादव के बयानों को बचाव की रणनीति बताया और कहा कि जांच का सामना कानून के दायरे में होना चाहिए।

अब आगे क्या? कोर्ट में बढ़ेगी कानूनी हलचल

छठा पूरक चालान दाखिल होने के बाद अब मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 9 हजार से अधिक पन्नों के चालान में शामिल दस्तावेज और साक्ष्य कोर्ट की अगली कार्रवाई में अहम भूमिका निभा सकते हैं।कोल लेवी मामले में पहले से चल रही जांच और आरोपों के बीच यह नया चालान छत्तीसगढ़ की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया—दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...Read More

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