चंबल उत्सव: 11 विभूतियों को चंबल रतन सम्मान, 100 से अधिक डिजिटल क्रिएटर्स भी हुए शामिल
ग्वालियर। पृथ्वी लैब के तत्वावधान में आयोजित चंबल उत्सव में समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 11 विभूतियों को चंबल रतन सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एक सैकड़ा से अधिक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स एवं डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स ने भी सहभागिता की।
आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र की प्रतिभाओं को एक मंच पर लाना, आपसी सहयोग बढ़ाना और ग्वालियर-चंबल संभाग की सकारात्मक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना रहा।
समाजसेवियों का सम्मान करना सराहनीय कार्य
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीवी राजगोपालन (राजू भाई) ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज सेवा के कार्यों के लिए लोगों को सम्मानित करना निश्चित रूप से सराहनीय पहल है। इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए पृथ्वी लैब के ऋषभ जैन, सचिन रावत और उनके सभी साथी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज सेवा करते हैं, उनका सम्मान होना भी जरूरी है। सम्मान मिलने से समाजसेवियों का हौसला बढ़ता है और उन्हें और अधिक समय तक सेवा करने की प्रेरणा मिलती है।
युवा समाजसेवी नई दिशा देने का कर रहे काम
राजू भाई ने कहा कि ऋषभ जैन जैसे युवा समाजसेवी इस तरह के आयोजनों के माध्यम से हमें निश्चित रूप से नई दुनिया की ओर ले जा रहे हैं। इस सभागार में उपस्थित डॉ. श्रीवास्तव की मेहनत को कौन नहीं जानता। वहीं, स्वर्गीय शीतल सहाय के महत्वपूर्ण योगदान को इस अंचल के लोग हमेशा याद रखेंगे। चंबल उत्सव का आयोजन निस्संदेह सराहनीय है।
11 विभूतियों को चंबल रतन सम्मान
कार्यक्रम में समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. केशव पांडे, डॉ. बीआर श्रीवास्तव, अशोक जैन, कबीर सिंह महाराज, कुमार होजाई, गामा सिंह, बृजेश शुक्ला, विकास गोस्वामी, कैलाश पाराशर, जयेंद्र सिंह राणा और मनीष सहित 11 विभूतियों को चंबल रतन सम्मान से सम्मानित किया गया। इन सभी लोगों ने अपनी मेहनत और समर्पण से समाज सेवा के क्षेत्र में अनूठा योगदान दिया है। इसके साथ ही ग्वालियर-चंबल संभाग की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य भी किया जा रहा है।
एक सैकड़ा से अधिक डिजिटल क्रिएटर
चंबल उत्सव की विशेष उपलब्धि यह रही कि ग्वालियर-चंबल संभाग के इतिहास में पहली बार एक सैकड़ा से अधिक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स एवं डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स एक साथ मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण डॉ. आहूजा और हेल्प गुरु प्रमोद राजावत का बेहतरीन संचालन रहा। कार्यक्रम में उपस्थित चंबल संभाग के समाजसेवी भी आयोजन को देखकर गौरवान्वित महसूस कर रहे थे।
क्षेत्र की सकारात्मक पहचान बढ़ाने का प्रयास
ऋषभ जैन ने कहा कि चंबल उत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की प्रतिभाओं को जोड़ने, आपसी सहयोग बढ़ाने और ग्वालियर-चंबल संभाग की सकारात्मक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों और आयोजन में सहयोग करने वाले अपने सभी साथियों का तहेदिल से आभार व्यक्त किया।
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नागरिकों और समाजसेवियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में 11 विभूतियों और एक सैकड़ा से अधिक डिजिटल क्रिएटर्स के अलावा महात्मा गांधी सेवा आश्रम की ओर से दिलीप जैन, डोंगर शर्मा, पत्रकार जेपी पाराशर, जगदीश शुक्ला, प्रफुल्ल श्रीवास्तव, शीतल जैन एडवोकेट, दिनेश सिंह सिकरवार, आयोजन मंडल के सचिन रावत सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी मौजूद रहे।
जिल बहन ने की आयोजन की सराहना
कार्यक्रम में कनाडा से आईं जिल बहन ने अपने उद्बोधन में आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि वह यहां लगभग 20 वर्षों से अधिक समय से रह रही हैं। चंबल घाटी में स्वर्गीय भाई जी सुबह राव और पीवी राजगोपालन जी के प्रयासों से कितना बदलाव आया है, यह सभी के सामने है। अब चंबल घाटी को शांति घाटी भी कहा जा सकता है।






















