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पूर्व CM के बेटे अमित जोगी बोले- मैं भगोड़ा नहीं, गुजरात पुलिस की सुरक्षा में हूं, PM मोदी-CEC के 'ज्ञानू-जानू' वीडियो पर FIR के बाद बोले- मां-पत्नी को किया अपमानित

पूर्व CM अजित जोगी के बेटे अमित जोगी के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े 'ज्ञानू-जानू' वीडियो पर रायपुर में FIR दर्ज हुई है। इसके बाद जोगी ने खुद को भगोड़ा बताए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने गुजरात पुलिस की सुरक्षा में होने का दावा करते हुए पुलिस कार्रवाई और BNS की धारा 196 पर सवाल उठाए।
पूर्व CM के बेटे अमित जोगी बोले- मैं भगोड़ा नहीं, गुजरात पुलिस की सुरक्षा में हूं, PM मोदी-CEC के 'ज्ञानू-जानू' वीडियो पर FIR के बाद बोले- मां-पत्नी को किया अपमानित

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए विवादित 'ज्ञानू-जानू' वीडियो के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद उन्होंने वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। अमित जोगी ने खुद को भगोड़ा बताए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वे कानून से भाग नहीं रहे, बल्कि गुजरात पुलिस की सुरक्षा में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनसे सीधे संपर्क करने के बजाय उनके घर जाकर नोटिस चस्पा किया और उनकी मां तथा पत्नी को अपमानित किया।

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FIR के बाद अमित जोगी का पलटवार, बोले- व्यंग्य को अपराध बनाना असहमति की आवाज दबाने जैसा

अमित जोगी ने अपने बयान में FIR में लगाई गई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यंग्य को सांप्रदायिक घृणा फैलाने वाला अपराध बताना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है। जोगी के मुताबिक, यह मामला केवल उनके खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि असहमति व्यक्त करने के अधिकार से भी जुड़ा हुआ है।

'मैं भगोड़ा नहीं हूं', गुजरात पुलिस की सुरक्षा में होने का दावा

अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि वे 2 से 8 नवंबर तक गुजरात में पहले से निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होने आए हैं। यह कार्यक्रम मित्रों के आमंत्रण पर तय हुआ था। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यालय ने 30 अक्टूबर को ही छत्तीसगढ़ और गुजरात के पुलिस महानिरीक्षकों समेत संबंधित अधिकारियों को उनके कार्यक्रम की जानकारी दे दी थी। जोगी ने सवाल उठाया कि जब उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जा सकता था, तो पुलिस ने उनके घर जाकर नोटिस क्यों चस्पा किया? उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के दौरान उनकी मां और पत्नी को भी अपमानित किया गया।

BNS की धारा 196 पर उठाए सवाल, कार्रवाई को बताया लोकतंत्र पर हमला

अमित जोगी ने FIR में लगाई गई BNS की धारा 196 को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह धारा सांप्रदायिक समूहों के बीच वैमनस्य और घृणा फैलाने से संबंधित है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि इससे अच्छा तो उन पर देशद्रोह का आरोप लगा देते। उनके मुताबिक, इस मामले में न सुनवाई हुई है और न ही सबूतों को लेकर कोई न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुई है। जोगी ने 'ज्ञानू और जानू' नामों का अर्थ समझाते हुए कहा कि उनका निशाना चुनाव प्रक्रिया और चुनाव कराने की व्यवस्था पर था। उनका दावा है कि देश में चुनाव कराने और मतदान से जुड़े अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल हैं।

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अरस्तूफेनेस से भरतमुनि तक का दिया उदाहरण, बोले- व्यंग्य सत्ता को आईना दिखाता है

अपने वीडियो में अमित जोगी ने राजनीतिक व्यंग्य की ऐतिहासिक परंपरा का भी जिक्र किया। उन्होंने प्राचीन यूनान के नाटककार अरस्तूफेनेस का उदाहरण देते हुए कहा कि पांचवीं शताब्दी ईसा पूर्व में उनके नाटक 'नाइट्स' के जरिए तत्कालीन सत्ता और नेताओं पर तीखे प्रहार किए जाते थे। उन्होंने भारतीय नाट्य परंपरा का हवाला देते हुए भरतमुनि के नाट्यशास्त्र में वर्णित विदूषक की भूमिका समझाई। जोगी के मुताबिक, विदूषक हास्य के माध्यम से राजा को सचेत करने और उसे सच का आईना दिखाने का काम करता था। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य की यह परंपरा लोकतंत्र में असहमति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

विवाद बढ़ने के बाद डिलीट किया वीडियो, मांगी माफी

'ज्ञानू-जानू' वीडियो को लेकर विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो हटा दिया था। उन्होंने इस विवाद पर माफी भी मांगी थी। हालांकि, FIR दर्ज होने के बाद अब उन्होंने अपने बयान के जरिए पुलिस कार्रवाई और लगाए गए आरोपों पर सवाल खड़े किए हैं। इस घटनाक्रम ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। 

पार्टी ने 2024 से क्यों नहीं लड़ा चुनाव? अमित जोगी ने बताई वजह

अमित जोगी ने अपनी पार्टी के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले पर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने 2024 से कोई चुनाव नहीं लड़ा है। इसके पीछे चुनाव प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और धांधली को लेकर उनकी आपत्तियां हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि पांच साल बाद होने वाले चुनाव में संदेशवाहक के बजाय संदेश पर ध्यान दें। जोगी ने कहा कि उन्हें अब सुर्खियों की जरूरत नहीं है। पिछले 20 वर्षों में वे पर्याप्त सुर्खियां बटोर चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि करीब दो दशक तक मुख्यधारा की मीडिया में सक्रिय रहने के बाद अब वे Gen Z की नई दुनिया और उसकी भाषा से संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। 

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क्या है पूरा 'ज्ञानू-जानू' वीडियो विवाद?

दरअसल, अमित जोगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर एक सांकेतिक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें दोनों के मुखौटे पहने पात्रों को शादी और हनीमून के दृश्यों में दिखाया गया था। जोगी ने इस वीडियो के जरिए कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने की कोशिश की थी। वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई।

भाजपा जिला अध्यक्ष की शिकायत पर FIR, इन धाराओं में केस दर्ज

रायपुर में मंगलवार रात भाजपा नेताओं ने इस मामले को लेकर थाने में शिकायत की थी। भाजपा के रायपुर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में अमित जोगी के खिलाफ FIR दर्ज की गई। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 352, 353(2), 356(2) और IT एक्ट की धारा 67 के तहत अपराध दर्ज किया है। इसके बाद अमित जोगी के निवास पर नोटिस चस्पा किए जाने की जानकारी सामने आई। फिलहाल इस पूरे मामले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ भाजपा नेताओं ने वीडियो को लेकर आपत्ति जताई है, वहीं अमित जोगी पुलिस कार्रवाई और FIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...

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