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नंगे पांव गलियों में खेलता था ये बच्चा, आज दुनिया में है CR7 के नाम का जलवा

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 5 नवंबर 2026 को पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम से संन्यास का ऐलान किया। कभी आर्थिक तंगी में बचपन बिताने वाले रोनाल्डो आज दुनिया के सबसे मशहूर और ज्यादा कमाई करने वाले फुटबॉलर्स में शामिल हैं। जानिए उनकी मां के संघर्ष, फुटबॉल करियर, मैनचेस्टर यूनाइटेड, रियल मैड्रिड और अल-नस्र तक पहुंचने की पूरी कहानी।
नंगे पांव गलियों में खेलता था ये बच्चा, आज दुनिया में है CR7 के नाम का जलवा
गलियों से फुटबॉल के मैदान तक, CR7 बनने का सफर किसी फिल्म से कम नहीं

कभी ऐसा भी वक्त था, जब घर में दो वक्त का खाना जुटाना मुश्किल था। पैसों की कमी थी और बचपन आम बच्चों की तरह नहीं, बल्कि कई परेशानियों के बीच बीता। लेकिन उस बच्चे के सपने बहुत बड़े थे। उसे फुटबॉल से प्यार था और मैदान पर उतरते ही जैसे उसकी दुनिया बदल जाती थी। आज वही बच्चा दुनिया के सबसे मशहूर फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल है। हम बात कर रहे हैं क्रिस्टियानो रोनाल्डो की, जिन्हें दुनिया CR7 के नाम से भी जानती है। 5 नवंबर 2026 को रोनाल्डो ने पुर्तगाल की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम से संन्यास लेने का ऐलान किया। उनका इंटरनेशनल करियर 23 साल तक चला। इस दौरान उन्होंने 234 मैच खेले और 146 गोल किए। दोनों ही आंकड़े पुरुष इंटरनेशनल फुटबॉल में रिकॉर्ड हैं। लेकिन रोनाल्डो की पहचान सिर्फ उनके गोल और ट्रॉफियों से नहीं है। उनकी जिंदगी का सफर भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। आइए जानते हैं कि मुश्किल हालात में बड़ा हुआ एक बच्चा फुटबॉल का सुपरस्टार कैसे बना।

पुर्तगाल के छोटे से घर में हुआ जन्म

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का जन्म 5 फरवरी 1985 को पुर्तगाल के मदीरा द्वीप पर हुआ था। उनका पूरा नाम क्रिस्टियानो रोनाल्डो दोस सैंटोस अवेइरो है। उनके परिवार में पहले से तीन भाई-बहन थे। पिता जोसे दिनिस अवेइरो बागवानी का काम करते थे, जबकि मां मारिया डोलोरेस घर संभालने के साथ खाना बनाने और दूसरे घरों में सफाई का काम भी करती थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। घर चलाने के लिए माता-पिता को काफी मेहनत करनी पड़ती थी। ऐसे माहौल में रोनाल्डो का बचपन बीता। उनके पास महंगे खिलौने और दूसरी सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन फुटबॉल के लिए उनका जुनून किसी चीज का मोहताज नहीं था।

गलियों में खेलते-खेलते मिला पहला मौका

रोनाल्डो को बचपन से ही फुटबॉल खेलने का शौक था। वह अपना ज्यादातर समय गेंद के साथ बिताते थे। उनके खेल में रफ्तार, फुर्ती और गोल करने की जबरदस्त इच्छा दिखाई देती थी। छोटी उम्र में ही उन्होंने स्थानीय क्लब अंदोरिन्हा के लिए खेलना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उनका खेल बेहतर होता गया और 12 साल की उम्र में उन्हें स्पोर्टिंग लिस्बन की एकेडमी में जाने का मौका मिला। यह उनके जीवन का बड़ा मोड़ था। इसके लिए उन्हें अपना घर और मां को छोड़कर दूसरे शहर जाना पड़ा। कम उम्र में परिवार से दूर रहना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए यह फैसला लिया। स्पोर्टिंग लिस्बन में रोनाल्डो ने अपनी प्रतिभा को और निखारा। 17 साल की उम्र में उन्हें क्लब की सीनियर टीम में खेलने का मौका मिला। अब वह सिर्फ एक छोटे क्लब के खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि बड़े फुटबॉल क्लबों की नजर भी उन पर पड़ने लगी थी।

मैनचेस्टर यूनाइटेड से बदली किस्मत

साल 2003 में रोनाल्डो ने मैनचेस्टर यूनाइटेड के खिलाफ एक मैच में शानदार खेल दिखाया। उनके खेल से प्रभावित होकर क्लब के मैनेजर सर एलेक्स फर्ग्यूसन ने उन्हें टीम में शामिल करने का फैसला किया। महज 18 साल की उम्र में रोनाल्डो इंग्लैंड पहुंच गए। मैनचेस्टर यूनाइटेड में शुरुआत आसान नहीं थी। उन्हें नए देश, नए माहौल और अलग तरह के फुटबॉल के साथ खुद को ढालना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी मेहनत और लगातार बेहतर होते खेल से वह टीम के अहम खिलाड़ी बन गए। इसी क्लब में उन्होंने कई बड़ी ट्रॉफियां जीतीं और दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।

रियल मैड्रिड में बने दुनिया के बड़े स्टार

साल 2009 में रोनाल्डो ने रियल मैड्रिड का रुख किया। यहां उनका खेल एक अलग ही स्तर पर पहुंच गया। गोल करने की उनकी क्षमता, शानदार फिटनेस और मैदान पर प्रदर्शन ने उन्हें दुनिया के सबसे चर्चित फुटबॉलर्स में शामिल कर दिया। रियल मैड्रिड के साथ उन्होंने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। उनके नाम पांच बैलन डी'ऑर अवॉर्ड हैं। इसके अलावा उन्होंने चार बार चैंपियंस लीग का खिताब भी जीता। इसी दौर में CR7 सिर्फ एक फुटबॉल खिलाड़ी नहीं, बल्कि दुनिया भर में पहचाना जाने वाला ब्रांड बन गया।

ये भी पढ़ें: रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबॉल को कहा अलविदा, 146 गोल के साथ खत्म हुआ सफर

जुवेंटस से अल-नस्र तक, कमाई में भी बनाया रिकॉर्ड

रियल मैड्रिड के बाद रोनाल्डो 2018 में इटली के क्लब जुवेंटस से जुड़े। इसके बाद 2021 में उन्होंने मैनचेस्टर यूनाइटेड में वापसी की। साल 2023 में वह सऊदी अरब के क्लब अल-नस्र का हिस्सा बने। यहां उनका करियर और कमाई दोनों चर्चा में रहे। आज रोनाल्डो सिर्फ फुटबॉल से ही नहीं, बल्कि अपने बिजनेस और ब्रांड से भी कमाई करते हैं। CR7 नाम से उनके फैशन और लाइफस्टाइल से जुड़े कई कारोबार हैं। होटल और फिटनेस से जुड़े बिजनेस में भी उनकी भागीदारी है। फोर्ब्स के मुताबिक, वह दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।

मां की मेहनत को नहीं भूले रोनाल्डो

इतनी शोहरत और दौलत मिलने के बाद भी रोनाल्डो अपने परिवार को नहीं भूले। उनकी मां ने मुश्किल हालात में परिवार को संभाला और बेटे के सपनों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। रोनाल्डो कई बार अपनी मां के प्रति प्यार और सम्मान जाहिर कर चुके हैं। वह उन्हें अपनी जिंदगी के सबसे अहम लोगों में मानते हैं।

इंटरनेशनल फुटबॉल को कहा अलविदा

5 नवंबर 2026 को रोनाल्डो ने पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम से संन्यास की घोषणा कर दी। उन्होंने 23 साल के इंटरनेशनल करियर में 234 मैच खेले और 146 गोल किए। उनकी कप्तानी में पुर्तगाल ने 2016 में यूरो कप और 2019 व 2025 में नेशंस लीग का खिताब जीता। हालांकि, इंटरनेशनल फुटबॉल से विदाई का मतलब क्लब फुटबॉल से संन्यास नहीं है। वह फिलहाल अल-नस्र के लिए खेलना जारी रखेंगे। रोनाल्डो की कहानी बताती है कि बड़े सपने देखने के लिए बड़े घर या महंगी सुविधाओं की जरूरत नहीं होती। मेहनत, अनुशासन और अपने लक्ष्य के लिए लगातार कोशिश करना भी इंसान को बहुत आगे ले जा सकता है। गलियों में फुटबॉल खेलने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े मैदानों तक पहुंचने का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...

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