जाति प्रमाण पत्र की जांच के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक, नीरज लिखार को मिली राहत

फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने के आरोपों का सामना कर रहे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग भोपाल के ज्वाइंट डायरेक्टर नीरज आनंद लिखार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सिंगल बेंच के उस आदेश को चुनौती देने वाली उनकी अपील पर चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने नोटिस जारी किया है। साथ ही अदालत ने अंतरिम निर्देश दिया है कि सिंगल बेंच के आदेश के परिप्रेक्ष्य में फिलहाल लिखार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाए।
जाति प्रमाण पत्र की जांच के आदेश को दी थी चुनौती
नीरज आनंद लिखार की ओर से दायर अपील में बताया गया कि नरसिंहपुर निवासी आदित्य ठाकुर ने उनके खिलाफ याचिका दाखिल की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि लिखार के भाई के हलवा जाति प्रमाण पत्र को उच्च स्तरीय जांच समिति ने निरस्त कर दिया है। ऐसे में नीरज आनंद लिखार के जाति प्रमाण पत्र की भी जांच कराई जानी चाहिए। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 29 जून 2026 को नीरज आनंद लिखार के जाति प्रमाण पत्र की जांच करने के आदेश दिए थे। इसी आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने डिवीजन बेंच में अपील दाखिल की।
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वरिष्ठ अधिवक्ता ने रखीं दलीलें
मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान नीरज आनंद लिखार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा ने पक्ष रखा और दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की पीठ ने नोटिस जारी करते हुए अंतरिम आदेश पारित किया।




















