ग्वालियर-भिंड हाईवे पर संत समाज का आंदोलन तेज, 30 सदस्यीय कोर कमेटी गठित
भिंड। ग्वालियर-भिंड हाईवे के निर्माण और टेंडर प्रक्रिया को लेकर संत समाज ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। त्रिमूर्ति धाम, देवगढ़ उमरी में संतों, समाजसेवियों, भूतपूर्व सैनिकों और आमजन की बैठक में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में 30 सदस्यीय कोर कमेटी गठित करने के साथ दंदरौआ धाम के महंत रामदास महाराज को संरक्षक बनाया गया। संगठन के विस्तार के लिए सात प्रवक्ताओं की नियुक्ति भी की गई। बैठक में सरकार से हाईवे से संबंधित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग उठाई गई।
29 अक्टूबर तक टेंडर जारी करने की मांग
अखिल भारतीय संत समिति के जिला अध्यक्ष संत कालीदास महाराज ने कहा कि सरकार ने फरवरी में हाईवे का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक टेंडर जारी नहीं होने से लोगों में असंतोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 29 अक्टूबर तक टेंडर जारी नहीं हुआ तो सरकार को आगामी चुनाव में इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार हाईवे निर्माण से जुड़े मुद्दों पर तत्काल निर्णय लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो उखाड़ेंगे टोल प्लाजा
त्रिमूर्ति धाम के पीठाधीश्वर डॉ. शिवप्रताप महाराज ने कहा कि सरकार संत समाज के धैर्य की परीक्षा न ले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फरवरी 2027 तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो ग्वालियर-भिंड हाईवे के दोनों टोल प्लाजा उखाड़कर फेंकने के लिए आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संत समाज इस मुद्दे पर एकजुट है और मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेगा।
सोमवार से जिलेभर में संगठन विस्तार
डॉ. शिवप्रताप महाराज ने कहा कि सोमवार से भिंड जिले में संगठन के विस्तार का अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत जिलेभर में लोगों को संगठन से जोड़कर हाईवे से संबंधित मांगों को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। बैठक में आंदोलन को मजबूत बनाने और जनसमर्थन जुटाने पर जोर दिया गया।
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महंत रामदास महाराज ने सरकार से की अपील
दंदरौआ धाम के महंत रामदास महाराज ने कहा कि सरकार को संत समाज की मांगों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर समस्या का समाधान करेगी। उन्हें कोर कमेटी का संरक्षक बनाए जाने पर बैठक में उपस्थित लोगों ने संगठन को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने की बात कही।
संतों, समाजसेवियों और पूर्व सैनिकों की मौजूदगी
बैठक में संत कमलदास जी महाराज टीकरी, संत त्यागी बाबा शनि धाम, संत पायलट बाबा दुधी महाराज, संत बरुआ महाराज, संत नरसिंह दास, संत बजरंगदास, संत उमेश महाराज, संत ऋषिदास और संत रामेश्वर दास सहित अनेक संत मौजूद रहे।
इसके अलावा समाजसेवी मनोज देपुरिया, इंडियन वेटरन्स ऑर्गनाइजेशन सैनिक संगठन के संभागीय अध्यक्ष कैप्टन अर्जुन यादव, समाजसेवी संतोष सिंह भदौरिया, भूतपूर्व सैनिक संघ के अध्यक्ष सूबेदार मेजर राकेश सिंह कुशवाह, प्रदेश मीडिया प्रभारी सुनील फौजी, जयदीप फौजी, महेश करारिया फौजी, सूबेदार अनंत राम प्रजापति, रामेंद्र पुरोहित, समाजसेवी हिरेंद्र प्रताप सिंह नरवरिया और बिल्लू यादव सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
बैठक में हाईवे से जुड़ी मांगों को लेकर संगठन को मजबूत करने और आंदोलन को व्यापक रूप देने पर सहमति बनी। अब 29 अक्टूबर तक टेंडर जारी होने और फरवरी 2027 तक मांगों पर कार्रवाई को लेकर सरकार के रुख पर नजर रहेगी।
























