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शहडोल में 24 घंटे में बाघ और तेंदुए के हमले से 2 मौतें, बुजुर्ग को बाघ ने बनाया शिकार; 15 साल की किशोरी की भी गई जान

शहडोल में 24 घंटे के अंदर शहडोल में 24 घंटे के अंदर बाघ और तेंदुए के हमले में दो लोगों की मौत हो गई। पपौंध क्षेत्र में भैंस खोजने जंगल गए 60 वर्षीय बुजुर्ग को बाघ ने मार डाला, जबकि ब्यौहारी में 15 साल की किशोरी की जान गई। लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश है।हमले में दूसरी जान गई
शहडोल में 24 घंटे में बाघ और तेंदुए के हमले से 2 मौतें, बुजुर्ग को बाघ ने बनाया शिकार; 15 साल की किशोरी की भी गई जान

शहडोल में जंगली जानवरों के हमलों से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। जिले में 24 घंटे के अंदर दो अलग-अलग घटनाओं में बाघ और तेंदुए के हमले से दो लोगों की मौत हो गई। पपौंध थाना क्षेत्र में 60 वर्षीय बुजुर्ग की बाघ के हमले में जान चली गई, जबकि इससे एक दिन पहले ब्यौहारी क्षेत्र में घर के बाहर सो रही 15 वर्षीय किशोरी को तेंदुए ने मार डाला था। लगातार हो रही घटनाओं से वन सीमा से लगे गांवों में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

भैंस खोजने जंगल गए बुजुर्ग पर बाघ का हमला

ताजा घटना पपौंध थाना क्षेत्र के ग्राम छतवा के झील टोला की है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात करीब 11:30 बजे 60 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद यादव अपनी भैंसों को खोजने जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान पनपथा बफर जोन के जंगल में मौजूद बाघ ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

सुबह जंगल में मिला शव, वन विभाग की टीम पहुंची

देर रात तक राजेंद्र यादव घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। गुरुवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर पपौंध पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शव पर मिले चोटों के निशान और आसपास के पगमार्क के आधार पर बाघ के हमले की पुष्टि की गई। घटना के बाद परिजनों ने वन विभाग से उचित मुआवजे और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, आसपास के गांवों में भी लोगों में आक्रोश है।

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एक दिन पहले तेंदुए ने 15 साल की किशोरी को मार डाला

बाघ के हमले से बुजुर्ग की मौत से पहले ब्यौहारी क्षेत्र में तेंदुए के हमले की घटना सामने आई थी। यहां घर के बाहर सो रही 15 वर्षीय किशोरी को तेंदुआ उठा ले गया और उसकी मौत हो गई। लगातार दो घटनाओं ने वन सीमा से लगे गांवों में जंगली जानवरों का खतरा बढ़ा दिया है।

बांधवगढ़ क्षेत्र में बाघ के हमलों से कई मौतें

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और उसके आसपास के क्षेत्रों में बाघों के हमलों में पिछले कुछ समय के दौरान कई लोगों की जान जा चुकी है। इनमें महुआ और तेंदूपत्ता बीनने जंगल गए ग्रामीणों के साथ रिहायशी इलाके में हुए हमलों की घटनाएं भी शामिल हैं।

नवंबर 2026: पनपथा बफर क्षेत्र में मवेशी खोजने गए राजेंद्र यादव की बाघ के हमले में मौत।

जून 2026: उत्तर पलझा क्षेत्र में महुआ और गुठली बीनने गए अन्नू रजक की बाघ के हमले में मौत। इसी महीने दो अन्य मौतें भी रिपोर्ट हुईं।

मई 2026: पनपथा गांव के खेरवा टोला में आंगन में सो रही फूल बाई पाल की बाघ के हमले में मौत। इसी महीने तेंदूपत्ता बीनने गई ममता यादव की भी जान गई।

अप्रैल 2025: महुआ बीनने गए 12 वर्षीय विजय की बाघ के हमले में मौत।

वन विभाग ने बढ़ाई गश्त, मुआवजे का दिया आश्वासन

पनपथा बफर जोन के एसडीओ भूरा गायकवाड़ ने बताया कि छतवा के जंगल में बाघ के हमले से बुजुर्ग की मौत हुई है। पीड़ित परिवार को नियमानुसार तत्काल आर्थिक सहायता और निर्धारित मुआवजा दिया जाएगा। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। वहीं, पपौंध थाना प्रभारी मोहन पडवार के मुताबिक, राजेंद्र यादव भैंस खोजने जंगल की ओर गए थे, जहां जंगली जानवर के हमले में उनकी मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर वन विभाग के समन्वय से आगे की जांच शुरू कर दी है।

Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

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