दिल्ली दंगा मामला: उमर खालिद और शरजील इमाम ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, जमानत की लगाई गुहार

नई दिल्ली। 30 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। अब हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद दोनों आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। दिल्ली पुलिस ने भी उनकी जमानत का विरोध करते हुए याचिका को समय से पहले और कानूनन गलत बताया है।
हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है जमानत याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट ने 30 सितंबर को उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की बेंच ने मामले की सुनवाई की थी। कोर्ट ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश को देखते हुए फिलहाल दोनों को जमानत नहीं दी जा सकती।
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ट्रायल कोर्ट ने तीसरी बार किया था इनकार
उमर खालिद और शरजील इमाम ने कड़कड़डूमा ट्रायल कोर्ट के 4 जुलाई 2026 के आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश में दोनों की जमानत याचिकाएं तीसरी बार खारिज कर दी गई थीं। ट्रायल कोर्ट ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के जनवरी 2026 के आदेश का हवाला दिया था, जिसमें दोनों को तत्काल नियमित जमानत देने से इनकार किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा आवेदन की दी थी छूट
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए दोनों आरोपियों को दोबारा आवेदन करने की छूट दी थी। आदेश के मुताबिक, अगर मामले के सुरक्षित और गोपनीय गवाहों के बयान दर्ज हो जाते हैं या आदेश के एक साल पूरे होने के बाद ट्रायल में देरी होती है, तो वे निचली अदालत में फिर से जमानत मांग सकते हैं।
दिल्ली पुलिस ने जमानत का किया विरोध
दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत का कड़ा विरोध किया है। पुलिस ने दोनों को दिल्ली दंगों का 'मास्टरमाइंड' और 'कमांड अथॉरिटी' बताया है। पुलिस का कहना है कि उनकी जमानत याचिका समय से पहले दाखिल की गई है और कानूनी रूप से भी सही नहीं है।
शादी में शामिल होने के लिए मिली थी अंतरिम जमानत
22 सितंबर को दिल्ली की एक अदालत ने शरजील इमाम को उसके चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दी थी। यह राहत 4 से 10 अक्टूबर तक के लिए मिली थी। उमर खालिद और शरजील इमाम 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़ी साजिश के मामले में लंबे समय से जेल में हैं और उन पर दंगे की साजिश रचने के गंभीर आरोप हैं।




















