Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 2 बड़े फैसले,पूर्व अग्निवीरों की पुलिस भर्ती का रास्ता साफ, आदिम जाति विकास विभाग का बदलेगा नाम

PM मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव,छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में दो महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए रिक्तियों के विरुद्ध अनुमति दी गई है। वहीं, आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 2 बड़े फैसले,पूर्व अग्निवीरों की पुलिस भर्ती का रास्ता साफ, आदिम जाति विकास विभाग का बदलेगा नाम

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सियासत और प्रशासन से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती और विभागीय नाम परिवर्तन समेत दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए रिक्तियों के विरुद्ध अनुमति दी गई है। वहीं, आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की योजनाओं, बुनियादी ढांचे, किसान कल्याण, जनजातीय विकास और नक्सलवाद के खिलाफ अभियान का भी उल्लेख किया गया।

/img/129/1791717560291

कैबिनेट के 2 बड़े फैसले, जानिए किसे मिलेगा फायदा

1. पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक भर्ती का रास्ता खुला

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीरों के अनुभव और प्रशिक्षण का लाभ राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में लेने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत गृह विभाग में आरक्षक के कुल 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध पूर्व अग्निवीरों की भर्ती की अनुमति दी गई है। सरकार के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इस निर्णय से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को राज्य की पुलिस सेवा में अवसर मिल सकता है। भर्ती की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और चयन संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक अधिसूचना देखना जरूरी होगा।

2. आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर होगा जनजातीय कार्य विभाग

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किया जाएगा। यह बदलाव विभाग की प्रशासनिक पहचान और नामकरण से जुड़ा है। इससे संबंधित आगे की प्रक्रिया संशोधित नियमों और शासन के आधिकारिक आदेश के अनुसार पूरी होगी।

प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के नेतृत्व पर मंत्रिपरिषद का अभिनंदन

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में उनके नेतृत्व, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्रहित में लिए गए फैसलों का उल्लेख किया गया। प्रेस वार्ता में कहा गया कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता और मंत्रिपरिषद की ओर से प्रधानमंत्री के दीर्घ सार्वजनिक जीवन, कर्मयोग और राष्ट्रसेवा का अभिनंदन किया गया। साथ ही उनके उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर राष्ट्रसेवा की कामना की गई।प्रस्ताव में जीएसटी, अनुच्छेद 370 की समाप्ति, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और नक्सलवाद के खिलाफ अभियान जैसे विषयों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया।

संबंधित खबर: छग साय कैबिनेट के 3 बड़े फैसले,अतिथि व्याख्याताओं को राहत, अग्निवीरों को 10% आरक्षण के नियम मंजूर

छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र की योजनाओं की भूमिका पर जोर

मंत्रिपरिषद ने सहकारी संघवाद के तहत राज्यों को अधिक संसाधन और भागीदारी मिलने का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। आवास, पेयजल, स्वच्छता, राशन, स्वास्थ्य और स्वच्छ ईंधन जैसी सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में केंद्रीय योजनाओं की भूमिका पर जोर दिया गया। प्रेस वार्ता में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूरे होने की जानकारी दी गई। इनमें पिछले पौने तीन वर्षों में 11.78 लाख आवासों के निर्माण का भी उल्लेख किया गया। स्वच्छ भारत अभियान के तहत 36 लाख घरेलू शौचालय और 14,970 सामुदायिक शौचालय बनने का दावा किया गया। वहीं, उज्ज्वला योजना के तहत 39.73 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन मिलने की जानकारी साझा की गई।

आयुष्मान भारत से लाखों हितग्राहियों को उपचार का लाभ

स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत छत्तीसगढ़ में लगभग 2.49 करोड़ पात्र हितग्राहियों के कार्ड बनाए गए हैं। प्रेस वार्ता में 51.17 लाख हितग्राहियों को लगभग 11,877 करोड़ रुपये के निःशुल्क उपचार का लाभ मिलने का आंकड़ा प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा 70 वर्ष से अधिक आयु के 6.21 लाख वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड जारी किए जाने की जानकारी दी गई। इन आंकड़ों के जरिए सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत पहुंचाने में केंद्र की योजनाओं के योगदान को रेखांकित किया।

किसानों के खाते में सम्मान निधि, धान खरीदी में बढ़ोतरी का दावा

किसानों से जुड़े आंकड़ों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 26.57 लाख किसानों तक सहायता पहुंचने की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 5,064 करोड़ रुपये का केंद्रीय अंश प्रीमियम प्राप्त होने का उल्लेख भी किया गया। प्रेस वार्ता के मुताबिक, वर्ष 2015 की तुलना में पंजीकृत किसानों की संख्या 13.17 लाख से बढ़कर 27.53 लाख और पंजीकृत कृषि रकबा 21.26 लाख से बढ़कर 33 लाख हेक्टेयर हुआ है। धान उपार्जन 59 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 141 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचने की बात कही गई। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के माध्यम से 33,431 करोड़ रुपये और बोनस के रूप में 10,292 करोड़ रुपये भुगतान किए जाने का भी उल्लेख किया गया।

संबंधित खबर: Raipur News: छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 7 बड़े फैसले को मिली मंज़ूरी: AI मिशन पर 500 करोड़, BEML प्लांट, गांवों की सड़कें और बिजली कंपनी के बॉन्ड को मंजूरी

महतारी वंदन और लखपति दीदी योजना से महिलाओं को संबल

महिला सशक्तिकरण के संबंध में महतारी वंदन योजना का उल्लेख किया गया। प्रेस वार्ता में बताया गया कि लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा 14 लाख महिलाओं के लखपति दीदी बनने और बिहान योजना के माध्यम से 32.39 लाख ग्रामीण परिवारों के 2.98 लाख स्व-सहायता समूहों से जुड़ने की जानकारी साझा की गई। सरकार ने इन पहलों को महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, स्वरोजगार और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने वाले प्रयासों के रूप में प्रस्तुत किया।

बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और विकास कार्यों पर फोकस

प्रेस वार्ता में बस्तर में सुरक्षा और विकास के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। इसमें 31 मार्च 2026 को नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिलने का दावा किया गया। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षा बलों की भूमिका का उल्लेख किया गया। नक्सल उन्मूलन के लिए 2,080 करोड़ रुपये की विशेष सहायता और आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15,000 आवास स्वीकृत होने की जानकारी दी गई। इनमें 5,671 आवासों का निर्माण जारी होने का दावा किया गया। इसके अलावा सड़क, पुल, स्कूल और ग्रामीण संपर्क सुविधाओं से जुड़े कार्यों का भी विवरण दिया गया। प्रेस वार्ता के अनुसार, हिंसा के कारण वर्षों से बंद 421 स्कूल दोबारा खोले गए हैं। दुर्गम गांवों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और राशन पहुंचाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया।

छत्तीसगढ़ में सड़क, रेल और बिजली परियोजनाओं को गति देने का दावा

राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए 35,766 करोड़ रुपये स्वीकृत होने और 18,215 करोड़ रुपये की लागत वाली 37 परियोजनाओं पर काम जारी रहने की बात कही गई रायपुर- विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव मार्ग और रायपुर-दुर्ग बायपास जैसी परियोजनाओं को राज्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। रेल क्षेत्र में लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चलने और दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क विस्तार के लिए 1,643 मोबाइल टावर स्वीकृत होने की जानकारी भी साझा की गई। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों, नए बिजली कनेक्शन और पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर संयंत्रों की स्थापना का उल्लेख किया गया।

संबंधित खबर: CG NEWS: साय कैबिनेट का बड़ा फैसला: अग्निवीरों को 10% आरक्षण, किसानों के लिए बनी उर्वरक मॉनिटरिंग समिति

जनजातीय समाज के विकास और सांस्कृतिक विरासत पर जोर

मंत्रिपरिषद की प्रेस वार्ता में जनजातीय समाज के सम्मान, शिक्षा और आर्थिक अवसरों से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 6,000 से अधिक जनजातीय बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास की जानकारी दी गई। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों को आवास, सड़क और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का विवरण भी प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों, लघु वनोपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य और नवा रायपुर में डिजिटल जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का उल्लेख किया गया।

केंद्रीय करों और जीएसटी से राज्य को मिलने वाले संसाधनों का ब्योरा

प्रेस वार्ता में केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी, जिला खनिज न्यास और जीएसटी से जुड़े आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए। बताया गया कि पिछले 12 वर्षों में छत्तीसगढ़ को केंद्रीय करों के हिस्से के रूप में 3,46,806 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। वहीं, जिला खनिज फाउंडेशन के माध्यम से 17,887 करोड़ रुपये मिलने और 81 हजार से अधिक विकास कार्य होने की जानकारी दी गई। जीएसटी व्यवस्था को देशभर में एकीकृत बाजार की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए राज्य के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र को मिलने वाले लाभों का उल्लेख किया गया।

निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर सरकार का जोर

राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रशासनिक सुधारों का भी विवरण दिया गया। प्रेस वार्ता के अनुसार, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 और वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम से औद्योगिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। दो जनविश्वास अधिनियमों के माध्यम से 279 गैर-जरूरी प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे संचालन की अनुमति देने का उल्लेख किया गया। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने और 1.60 लाख से अधिक संभावित रोजगार के अवसर बनने की बात कही गई। ये निवेश प्रस्ताव हैं; इन्हें वास्तविक निवेश या सृजित रोजगार के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।

संबंधित खबर: CG NEWS: साय कैबिनेट की आज अहम बैठक, किसानों को राहत समेत कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत 2047 तक का लक्ष्य

प्रेस वार्ता के समापन में विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को दोहराया गया। राज्य के खनिज संसाधनों, ऊर्जा क्षमता, कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवा शक्ति और जनजातीय संस्कृति को विकास की प्रमुख ताकत बताया गया। सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के माध्यम से राज्य को विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ कैबिनेट के दो प्रमुख फैसलों में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक भर्ती और विभाग के नाम परिवर्तन को मंजूरी शामिल है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के नेतृत्व पर पारित अभिनंदन प्रस्ताव के दौरान सरकार ने राज्य में केंद्रीय योजनाओं, बुनियादी ढांचे, किसान कल्याण और जनजातीय विकास से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए। 

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...

Latest Posts