Kankhajura:मानसून में क्यों बढ़ जाता है कनखजूरे का खतरा? जानिए बचाव के आसान घरेलू तरीके

बरसात के दिनों में वातावरण में बढ़ी आद्रता के कारण घरों में कीट-पतंगों की आवाजाही बढ़ जाती है। खासतौर पर कनखजूरा ऐसी जगहों पर दिखाई देता है, जहां अंधेरा, ठंडक और गीलापन रहता है। इसकी कई टांगों वाली लंबी आकृति लोगों को डराने वाली लगती है। बाथरूम, किचन, स्टोर रूम और दीवारों की दरारें इसके छिपने की पसंदीदा जगह होती हैं। थोड़ी सावधानी और सही देखभाल से इसे घर में आने से रोका जा सकता है। साफ-सफाई, सूखा वातावरण और प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर मानसून में इस परेशानी से राहत पाई जा सकती है।
घरों में नमी और सीलन की समस्या
बारिश का मौसम आते ही घरों में नमी और सीलन की समस्या बढ़ने लगती है। इसी के साथ कई तरह के कीड़े-मकोड़े भी घरों में दिखाई देने लगते हैं। इनमें कनखजूरा लोगों के लिए सबसे ज्यादा डर पैदा करने वाला जीव माना जाता है। इसकी लंबी बनावट और कई पैरों के कारण लोग इसे देखकर घबरा जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कनखजूरे आमतौर पर नम, अंधेरी और ठंडी जगहों पर छिपे रहते हैं। घर की सफाई और नमी को नियंत्रित रखकर इनसे काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।
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बाथरूम और सिंक के नीचे छिपते हैं कनखजूरे
मानसून में कनखजूरे अक्सर बाथरूम, रसोई, सिंक के नीचे, स्टोर रूम और अन्य अंधेरी जगहों में दिखाई देते हैं। घर में लगातार रहने वाली सीलन इनके लिए अनुकूल माहौल तैयार करती है। यदि पाइप से पानी रिस रहा हो या किसी कोने में नमी बनी रहती हो तो कनखजूरे वहां आसानी से छिप सकते हैं। इनसे बचने के लिए जरूरी है कि घर को सूखा रखा जाए। बाथरूम इस्तेमाल करने के बाद फर्श को सुखाएं, पानी के रिसाव को तुरंत ठीक कराएं और घर में हवा का पर्याप्त आवागमन रखें। इससे नमी कम होगी और कनखजूरे आने की संभावना भी घटेगी।
छोटे कीड़ों की मौजूदगी भी खींचती है कनखजूरे को
कनखजूरे भोजन की तलाश में भी घरों में प्रवेश करते हैं। ये कॉकरोच, मकड़ी, सिल्वरफिश और दूसरे छोटे कीड़ों को अपना भोजन बनाते हैं। अगर घर में ऐसे कीड़ों की संख्या ज्यादा है तो कनखजूरे भी वहां पहुंच सकते हैं।इसलिए घर की नियमित सफाई करना जरूरी है। रसोई में खाने के कण जमा न होने दें, कूड़ा समय पर बाहर निकालें और कोनों में जमा धूल-मिट्टी को साफ करते रहें। साफ-सुथरा वातावरण कनखजूरे और दूसरे कीड़ों को दूर रखने में मदद करता है।
एसेंशियल ऑयल की खुशबू से भी होगा बचाव
कनखजूरों को कुछ तेज खुशबू पसंद नहीं होती। सिट्रोनेला, लेमनग्रास, पेपरमिंट और लैवेंडर जैसे एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल इन्हें दूर रखने में मदद कर सकता है। इन तेलों की कुछ बूंदें पानी में मिलाकर स्प्रे तैयार करें और इसे दरवाजों, खिड़कियों, दीवारों के किनारों और नमी वाली जगहों पर छिड़कें। यह एक आसान और प्राकृतिक तरीका है, जिससे घर में कीड़ों की समस्या को कम किया जा सकता है।
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दरारें बंद करें, रखें सुरक्षित माहौल
घर में मौजूद छोटी-छोटी दरारें और खाली जगहें भी कनखजूरे के आने का रास्ता बन सकती हैं। इसलिए दीवारों की दरारें, खिड़कियों के किनारे और दरवाजों के नीचे की जगह को बंद कर दें। नेफ्थलीन की गोलियां भी कुछ जगहों पर उपयोग की जा सकती हैं, लेकिन इन्हें बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखना जरूरी है। ज्यादा समस्या होने पर डायटोमेशियस अर्थ पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है। मानसून में थोड़ी सावधानी, नियमित सफाई और घर को सूखा रखने की आदत अपनाकर कनखजूरे से बचाव किया जा सकता है और घर को सुरक्षित रखा जा सकता है।











