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बच्चों की थाली पर गंभीर संकट, भुगतान अटका; बजट बढ़ाने की मांग को लेकर स्व-सहायता समूहों की चूल्हा बंद हड़ताल

स्कूलों और आंगनवाड़ियों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलने वाले मध्याहन भोजन और पोषण आहार योजना पर संकट गहरा गया है। पोषण आहार न मिलने के कारण पिछले दो दिनों से बच्चे भोजन से महरूम हैं, वहीं बकाया भुगतान और बजट बढ़ाने की मांग को लेकर स्व-सहायता समूहों ने अनिश्चितकालीन चूल्हा बंद हड़ताल शुरू कर दी है।
बच्चों की थाली पर गंभीर संकट, भुगतान अटका; बजट बढ़ाने की मांग को लेकर स्व-सहायता समूहों की चूल्हा बंद हड़ताल
बच्चों की थाली पर गंभीर संकट, भुगतान अटका

इटारसी। प्रांतीय महिला समूह महासंघ के आह्वान पर स्व-सहायता समूह अपनी जायज मांगों और महीनों से रुके भुगतान को लेकर हड़ताल पर हैं। समूहों का कहना है कि वर्ष 2018 से आज तक नाश्ते के लिए 3 रुपये और खाने के लिए 5 रुपये प्रति बच्चा दिए जा रहे हैं, जबकि महंगाई के कारण इस राशि में पौष्टिक भोजन बनाना मुश्किल हो गया है।

महंगाई बढ़ी, बजट आज भी बेहाल

महिला समूह की पदाधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2018 से नाश्ते के लिए मात्र 3 रुपये और खाने के लिए केवल 5 रुपये प्रति बच्चा दिए जा रहे हैं। पिछले आठ वर्षों में महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है, ऐसे में सिर्फ 5 रुपये में एक बच्चे के लिए पौष्टिक भोजन तैयार करना मुश्किल हो गया है।

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तय मेन्यू पूरा करना हुआ मुश्किल

समूहों के मुताबिक मंगलवार को खीर, पूरी और छोले की सब्जी, जबकि गुरुवार को पकौड़े वाली कढ़ी और वेज पुलाव दिया जाना है। अन्य दिनों में दाल, सब्जी और दो रोटियां मेन्यू में शामिल हैं, लेकिन न्यूनतम बजट के चलते इसे पूरा करना समूहों के लिए नामुमकिन साबित हो रहा है।

तीन से चार महीने तक भुगतान नहीं मिलने का आरोप

जिला उपाध्यक्ष अमीना गोलंदाज, रेखा सोनी, शारदा समूह की रेखा साहू और जिला मीडिया प्रभारी अजय मंजारिया ने आरोप लगाया कि शासन स्तर पर समूहों को 3 से 4 महीने तक लगातार भुगतान नहीं मिलता। महिलाओं के आंदोलन के बाद कभी-कभी सिर्फ एक महीने का पैसा मिलने से खानापूर्ति होती है, जिससे उन्हें जेवर गिरवी रखने और कर्ज लेने की मजबूरी बन रही है।

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राशन में कचरा और वेस्टेज की समस्या

समूह पदाधिकारियों ने बताया कि बच्चों की संख्या के आधार पर कंट्रोल से मिलने वाले गेहूं में भारी मात्रा में कचरा होता है। दलिया पीसने पर भी वेस्टेज निकलता है, जिसके कारण समूहों को अपनी जेब से बाजार भाव में गेहूं खरीदना पड़ रहा है। समूहों ने राशन की मात्रा में 20 प्रतिशत की वृद्धि करने की मांग की है।

घर पर भोजन बनाने की व्यवस्था को लेकर सवाल

समूहों का कहना है कि घर पर भोजन बनाने के निर्देश तो दिए जा रहे हैं, लेकिन अलग से किराए का कमरा और जरूरी व्यवस्था देने में शासन असमर्थता जता रहा है। उनका कहना है कि जब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, पूरे प्रदेश में हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी।

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विभाग ने कहा, रेडी टू ईट मील उपलब्ध कराया

परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग इटारसी योगेश घाघरे ने कहा कि रेडी टू ईट मील यानी दलिया केंद्रों को उपलब्ध करा दिया गया है। समूहों की हड़ताल के संबंध में वरिष्ठ कार्यालय को अवगत करा दिया गया है। फिलहाल उच्च स्तर से कोई नया निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है।

Tajul Khan
By Tajul Khan

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