Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

देशी मदिरा टेंडर विवाद में सात शराब कारोबारियों के खिलाफ चलेगी जांच, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिकाएं

मप्र हाईकोर्ट ने सात शराब कारोबारियों और डिस्टलरीज की सीसीआई जांच के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने कहा कि कंपनियों के पास नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील का वैकल्पिक मंच मौजूद है। बेंच ने सीसीआई को जांच पूरी कर धारा 27 के तहत अंतिम आदेश पारित करने के निर्देश दिए।
देशी मदिरा टेंडर विवाद में सात शराब कारोबारियों के खिलाफ चलेगी जांच, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिकाएं
फाइल फोटो

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने राज्य के सात शराब कारोबारियों और बॉटलिंग इकाइयों (डिस्टलरीज) की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिसमें कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) द्वारा की जा रही जांच की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने कहा है कि कंपनियों के पास अपील के लिए नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल का वैकल्पिक मंच मौजूद है। ऐसे में इन मामलों पर सीधे हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। बेंच ने कहा है कि सीसीआई अब अपनी जांच पूरी कर धारा 27 के तहत अंतिम आदेश पारित करे।

सात कंपनियों ने दायर की थीं याचिकाएं

हाईकोर्ट में ये 7 याचिकाएं एसोसिएटेड एल्कोहॉल्स एण्ड ब्रेवरीज लि. इंदौर, ग्रेट गेलियन वेन्चर्स लिमिटेड इंदौर, ओएसिस डिस्टलरीज लिमिटेड इंदौर, बापूना एल्कोब्रू प्रा. लि. ग्वालियर, अग्रवाल डिस्टलरीज प्रा. लि. ग्वालियर, विंध्याचल डिस्टलरीज प्रा. लि. भोपाल और डीसीआर डिस्टलरीज प्रा. लि. सागर की ओर से दायर की गई थीं। इन कंपनियों पर आरोप था कि वर्ष 2016-17 की टेंडर प्रक्रिया में इन कंपनियों ने सिंडीकेट बनाकर हेराफेरी की थी। कैग की रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद सीसीआई ने संज्ञान लेकर जांच शुरू की थी।

ये भी पढ़ें: NTA के सिस्टम पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, जज खुद करेंगे व्यवस्था की जांच!

2021 में डिस्टलरीज के परिसरों पर हुई थी कार्रवाई

इस सिलसिले में 27 अक्टूबर 2021 को महानिदेशक द्वारा संबंधित डिस्टलरीज के परिसरों पर सर्च और सीजर (छापेमारी और जब्ती) की कार्रवाई भी की गई थी। इस पूरी कार्रवाई को चुनौती देकर ये याचिकाएं दाखिल की गई थीं। इन मामलों पर प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सीसीआई द्वारा की जा रही जांच पर रोक लगा दी थी।

रोक हटाकर सीसीआई को जांच पूरी करने के निर्देश

मामलों पर अंतिम सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा फैसला सुनाते हुए डिवीजन बेंच ने कहा कि कंपनियों के पास इस कार्रवाई के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल में चुनौती देने का अधिकार था, लेकिन ऐसा करने के बजाय कंपनियों ने सीधे ये याचिकाएं दाखिल की हैं। इस आधार पर बेंच ने मामलों में दखल देने से इनकार करके याचिकाएं खारिज कर दीं और पूर्व में लगाई रोक हटाते हुए सीसीआई को जांच को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।

ये भी पढ़ें: नेस्ले इंडिया के बेबी फूड पर FSSAI की कार्रवाई, दावों और बायोटिन की मात्रा को लेकर उठे सवाल

Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

Latest Posts