सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह का बलिदान देश की गौरवशाली विरासत का अध्याय, कोर्स में शामिल करेंगे गाथा
जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अमर शहीद राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के 169वें बलिदान दिवस पर माल गोदाम चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने समीप स्थित देवस्थल पर पूजन-अर्चन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिता-पुत्र का बलिदान देश की गौरवशाली विरासत का महत्वपूर्ण अध्याय है। दोनों ने देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। डॉ. यादव ने कहा कि 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन से पहले राजा शंकर शाह ने कविताओं और गीतों के माध्यम से अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ जनजागरण किया। उनके लेखन ने लोगों में आजादी की भावना और नई ऊर्जा का संचार किया। कुंवर रघुनाथ शाह भी उनके साथ मजबूती से खड़े रहे।
महानायकों का इतिहास नई पीढ़ी तक पहुंचा रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय महानायकों के इतिहास को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। राजा शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह और राजा भभूत सिंह जैसे महापुरुषों के प्रेरक प्रसंगों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्में तैयार करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
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नमो-प्रेरणा कार्यक्रम शुरू
मुख्यमंत्री ने कैंसर और नशामुक्ति के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए नमो-प्रेरणा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके तहत स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों को कैंसर से बचाव और नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार विरासत से विकास की दिशा में आगे बढ़ते हुए जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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