20-50 रुपये के खर्च भी कर रहे हैं जेब खाली, कैश और UPI का ऐसे रखें हिसाब

आज के समय में पैसे खर्च होना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है। पहले लोग कैश में भुगतान करते थे, इसलिए जेब में बचे पैसों का अंदाजा रहता था। अब UPI से कुछ सेकंड में पेमेंट हो जाता है। इसी वजह से छोटे-छोटे खर्चों का हिसाब कई बार नहीं रह पाता। महीने के अंत में यही समझ नहीं आता कि कमाई का बड़ा हिस्सा कहां खर्च हो गया। इससे बचने के लिए हर खर्च की एक आसान लिस्ट बनाना मददगार हो सकता है।
कैश और UPI का खर्च अलग लिखें
महीने की शुरुआत में खर्चों की एक लिस्ट बनाएं। इसमें कैश और UPI से किए गए भुगतान को अलग-अलग दर्ज करें। सब्जी, दूध, चाय, ऑटो या छोटी खरीदारी जैसे कैश खर्च एक जगह लिखे जा सकते हैं। वहीं मोबाइल रिचार्ज, ऑनलाइन शॉपिंग, बिल, खाना ऑर्डर और दूसरे UPI पेमेंट अलग नोट करें। इससे महीने के अंत में आसानी से पता चलेगा कि पैसा किस माध्यम से और किन चीजों पर ज्यादा खर्च हुआ।
छोटे खर्चों को भी नजरअंदाज न करें
20, 50 या 100 रुपये का खर्च छोटा लग सकता है, लेकिन ऐसे कई छोटे भुगतान मिलकर महीने में बड़ी रकम बन सकते हैं। इसलिए हर खर्च को लिस्ट में शामिल करना जरूरी है। UPI से किए गए भुगतान के लिए ऐप की हिस्ट्री देखी जा सकती है। कैश खर्चों को मोबाइल की नोट्स ऐप या डायरी में लिखा जा सकता है।
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सिर्फ रकम नहीं, खर्च की वजह भी लिखें
लिस्ट में केवल रकम लिखना काफी नहीं है। यह भी लिखें कि पैसा किस चीज पर खर्च हुआ। इसके लिए खाने-पीने, यात्रा, घर का सामान, बिल, शॉपिंग, मनोरंजन और जरूरी खर्च जैसी कैटेगरी बनाई जा सकती हैं। महीना खत्म होने पर हर कैटेगरी का कुल खर्च निकालें। इससे साफ पता चलेगा कि सबसे ज्यादा पैसा कहां जा रहा है और किस गैर-जरूरी खर्च को कम किया जा सकता है।
महीने के अंत में पूरा हिसाब देखें
महीना खत्म होने पर एक बार पूरी लिस्ट चेक करें। कैश और UPI दोनों खर्चों को जोड़कर अपनी कुल कमाई से तुलना करें। जैसे 30 हजार रुपये की कमाई में 25 हजार रुपये खर्च हुए तो 5 हजार रुपये बचे। अगर खर्च लगातार कमाई के आसपास पहुंच रहा है, तो यह देखना जरूरी है कि किस जगह ज्यादा पैसा जा रहा है। यही हिसाब अगले महीने की बेहतर प्लानिंग में मदद कर सकता है।
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कमाई आते ही बचत अलग करें
बचत के लिए महीने के अंत में पैसे बचने का इंतजार करने के बजाय कमाई मिलते ही एक तय रकम अलग रखी जा सकती है। इसके बाद बचे पैसों से महीने के जरूरी खर्च चलाएं। खर्चों की लिस्ट लगातार देखने से गैर-जरूरी खर्चों की पहचान होगी और उन्हें धीरे-धीरे कम किया जा सकेगा। इससे महीने के अंत में बचत बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।




















