अब फ्री नहीं रहेगा हर UPI पेमेंट,सरकार कर रही नियम बदलने की तैयारी, जानिए क्या होगा असर

भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) आज हर जगह इस्तेमाल हो रहा है। चाय की दुकान से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक लोग नकद की बजाय मोबाइल से भुगतान करना पसंद करते हैं। जनवरी 2020 से UPI के जरिए ग्राहकों और दुकानदारों के लिए पेमेंट पूरी तरह मुफ्त रही है। लेकिन अब सरकार इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है।
क्या है सरकार की तैयारी?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट में बदलाव पर विचार कर रही है। अगर यह संशोधन लागू होता है तो 2,000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट UPI पेमेंट पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लगाया जा सकता है।
ये भी पढ़ें: केंद्र ने Meta को जारी किया समन... कई मुद्दे उठाएगी सरकार, अधिकारियों को अगले दो दिन दिल्ली में बुलाया
क्या होता है MDR?
MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने पर दुकानदार से लिया जाता है। यह रकम बैंक, पेमेंट सर्विस देने वाली कंपनी और दूसरे संबंधित संस्थानों के बीच बांटी जाती है।
क्या आम ग्राहकों पर पड़ेगा असर?
अगर आप रोजमर्रा के छोटे-छोटे UPI पेमेंट करते हैं तो फिलहाल चिंता की जरूरत नहीं है। आंकड़ों के अनुसार 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन कुल लेनदेन की संख्या का केवल 4 फीसदी हैं।
ये भी पढ़ें: Share Market Today : सेंसेक्स 210 अंक फिसला, निफ्टी 24,614 पर बंद; रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
पेमेंट कंपनियों को होगा फायदा
अगर यह नियम लागू होता है तो पेटीएम, पाइन लैब्स और अन्य डिजिटल पेमेंट कंपनियों की कमाई बढ़ सकती है।
Paytm और Pine Labs को कितना फायदा?
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का अनुमान है कि इस बदलाव से पेटीएम को 300 से 700 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त कमाई हो सकती है। इससे कंपनी के मुनाफे में 15 से 35 फीसदी तक बढ़ोतरी आने की संभावना है।
ये भी पढ़ें: UP News: योगी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 13 IAS अफसरों के ट्रांसफर
कंपनियों के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव?
पिछले कुछ वर्षों में UPI ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़े हैं, लेकिन इसके बावजूद कई पेमेंट कंपनियां अपने मुख्य कारोबार से ज्यादा मुनाफा नहीं कमा पा रही हैं।
अभी लागू नहीं हुआ है नया नियम
फिलहाल 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर कोई नया चार्ज लागू नहीं हुआ है। सरकार केवल इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है। अंतिम फैसला संसदीय मंजूरी और सभी संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। इसलिए अभी UPI यूजर्स और दुकानदारों को पहले की तरह ही मुफ्त सेवा मिल रही है।












