Naresh Bhagoria
12 Jan 2026
पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की शुरुआत की। इस योजना के तहत 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 10-10 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से बातचीत की और योजना के महत्व पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जन-धन योजना के माध्यम से अब पैसे सीधे महिलाओं के खाते में पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि, पहले सरकार की योजनाओं का पैसा अक्सर बीच में रुक जाता था या लूट लिया जाता था, लेकिन अब पूरा पैसा सीधे महिलाओं के खाते में जाएगा।
मोदी ने कहा, "एक भाई तब ही खुश होता है, जब उसकी बहन स्वस्थ हो, परिवार खुश हो। आज आपके दो भाई नरेंद्र और नीतीश मिलकर बहनों के लिए लगातार काम कर रहे हैं। आज जो पैसे भेजे जा रहे हैं, वो पूरे आपके खाते में जमा होंगे। कोई एक पैसा भी नहीं मार सकता।"
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि, महिला सशक्तिकरण उनके प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने आरजेडी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, पहले के समय में महिलाओं की सुरक्षा नहीं थी और सड़क-पुल पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था।
नीतीश ने बताया कि, योजना के तहत 18 से 60 साल की महिलाएं बिजनेस शुरू करने के लिए 2 लाख रुपए तक का लोन प्राप्त कर सकती हैं। योजना का पहला चरण 10 हजार रुपए की राशि सीधे खातों में भेजकर किया गया है।
लाभार्थी: 18-60 वर्ष की महिलाएं
प्रथम भुगतान: 10,000 रुपए
बिजनेस लोन: सफल एनालिसिस के बाद 2 लाख रुपए तक
फॉर्म: पूरी तरह से निःशुल्क, जीविका दीदियों के माध्यम से भरे जा रहे हैं
प्रधानमंत्री ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह योजना उनके सपनों को पंख देगी और उन्हें समाज में और अधिक सम्मान दिलाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने आरजेडी पर हमला करते हुए कहा कि उनके शासन में महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि, आज बिहार में नीतीश कुमार की सरकार के तहत महिलाओं की सुरक्षा बेहतर हुई है और बेटियां बेखौफ होकर बाहर निकल सकती हैं।
पीएम मोदी ने उज्ज्वला योजना और स्वास्थ्य शिविरों का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान देना पूरे समाज के लिए लाभकारी है। उन्होंने यह भी कहा कि, इस योजना से महिलाओं को रोजगार मिलेगा और उनका समाज में सम्मान बढ़ेगा।