पल्लवी वाघेला, भोपाल। पत्नियों से पीछा छुड़ाने और अपना नया संसार बसाने अब पति कुछ अलग तरह की प्लानिंग कर रहे हैं। राजधानी के विभिन्न फोरम पर ऐसे 41 मामले विचाराधीन रहे, जिनमें पतियों ने पत्नी के नाम से लोन लिया और पैसा लेकर गायब हो गए। इनमें से ज्यादातर अपना दूसरा घर बसा चुके हैं। पीड़िताओं के सामने एक तरफ पत्नी होने के हक की लड़ाई है तो दूसरी तरफ लोन चुकाने की चिंता।
भोपाल के विधिक सेवा प्राधिकरण, गौरवी सेंटर और महिला आयोग में इस तरह की कुल 41 शिकायतें दर्ज हैं। महिलाओं ने बताया कि पति ने उन्हें अपनी सिबिल खराब होने का हवाला देकर लोन लिया। कुछ ने कोविड के बाद बिजनेस को उठाने का तो कुछ ने नया बिजनेस का झांसा दिया।
गुलमोहर कॉलोनी निवासी पीडिता ने महिला आयोग में दिए आवेदन में बताया कि कोविड में पति का बिजनेस बंद हो गया था। साल 2023 में पति ने उससे कहा कि लोन लेकर उसका बाहर पार्लर खुलवा देगा, ताकि काम अच्छे से हो पाए। पत्नी के नाम पर्सनल लोन लिया फिर गायब हो गया। कुछ दिन बाद पता चला वो किसी और महिला के साथ रह रहा है।
छोला क्षेत्र निवासी महिला ने बताया कि पति तीन साल से किसी अन्य महिला के साथ रह रहा था। साल 2024 में पति लौटकर आया और कहा कि दोबारा जीवन शुरू करना चाहता है। कुछ माह बाद उसने कहा कि बिजनेस शुरू करना चाहता है लेकिन सिबिल खराब है। उसकी बातों में आकर उसने लोन ले लिया और अपनी सेविंग भी पति को सौंप दी। पति बिजनेस के लिए सामान लेने की बात कहकर गायब हो गया। खोजबीन की तो पता चला कि पति वापस उस महिला के साथ रहने चला गया है और उन पैसों की मदद से उन्होंने एक मकान खरीद लिया है। महिला ने गौरवी में आवेदन दिया, लेकिन पति लोन के पैसे होने की बात से साफ मुकर गया।
कोविड के बाद ऐसे मामले देखने में आए हैं। पहले भी कुछ मामलों में पुलिस की मदद से या समझाइश के द्वारा महिलाओं को सहायता दी है। इन मामलों में भी पहली कोशिश समझौते के प्रयास की है। मामले में महिलाओं को विधिक सहायता दिलाई जा रही है।
शिवानी सैनी, गौरवी सेंटर