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पेपर लीक को लेकर खड़गे ने सरकार को घेरा:बोले- 'कुर्सी बचाने के लिए एंटी पेपर लीक बिल लेकर आए'

लोकसभा से पारित होने के एक दिन बाद एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा में पेश किया गया, जहां इस पर जोरदार चर्चा शुरू हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सदन में बिल पेश किया, जबकि विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बहस की शुरुआत की। चर्चा के दौरान पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने नजर आए।
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बोले- 'कुर्सी बचाने के लिए एंटी पेपर लीक बिल लेकर आए'
पेपर लीक को लेकर खड़गे ने सरकार को घेरा

राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार पर कई सवाल उठाए। मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेपर लीक की घटनाओं, शिक्षा व्यवस्था और जांच एजेंसियों की भूमिका पर तीखी टिप्पणी की। प्रमोद तिवारी ने छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग की। 

राज्यसभा में पेश हुआ एंटी पेपर लीक बिल

बिल का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने का है। विधेयक पेश होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर विस्तृत बहस शुरू हो गई। सदन में इस कानून के कई प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।

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प्रमोद तिवारी ने उठाया छात्रों का मुद्दा

चर्चा शुरू होने से पहले राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने सदन में गतिरोध का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार अपनी मांग रख रहा है, लेकिन सरकार इस पर सकारात्मक रुख नहीं अपना रही है। उन्होंने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का मुद्दा भी उठाया और गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग की। उनका कहना था कि छात्रों से जुड़े मामलों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इस मांग को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने का प्रयास किया।

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खड़गे ने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

बहस के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े होते हैं। खड़गे ने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षा बजट और विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने पाठ्यक्रम और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े कुछ मुद्दे भी सदन में उठाए। सरकार से इन विषयों पर जवाब देने की मांग की गई।

खड़गे ने सरकार को घेरा 

अपने संबोधन के दौरान जब मल्लिकार्जुन खड़गे बोल रहे थे, तब सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने उनसे पूछा कि उन्हें और कितना समय चाहिए। इस पर खड़गे ने मुस्कुराते हुए कहा कि आप जितना समय दे दें। उनके इस जवाब पर सदन में कुछ देर के लिए ठहाके गूंज उठे। इसके बाद उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाई और पेपर लीक सहित कई अन्य मुद्दों पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। 

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गृह मंत्री और सरकार पर साधा निशाना

मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने छात्रों पर हुई कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर कई सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था। उन्होंने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली और पुराने मामलों में कार्रवाई की गति पर भी सवाल खड़े किए। साथ ही सरकार से इन मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग की।

हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही प्रभावित

एंटी पेपर लीक बिल और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर संसद के दोनों सदनों में विपक्ष का विरोध देखने को मिला। लोकसभा में गृह मंत्री से जवाब की मांग को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया, जिससे प्रश्नकाल सुचारु रूप से नहीं चल सका। बाद में कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी शोर-शराबा जारी रहा और पीठासीन अधिकारी को सदन की कार्यवाही निर्धारित समय तक स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा में भी तीखी बहस और नारेबाजी के बीच बिल पर चर्चा जारी रही। अब इस विधेयक पर आगे की प्रक्रिया और सरकार के जवाब पर सभी की नजर बनी हुई है।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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