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सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 31 गाइडों का दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण, वन्यजीव पर्यटन और सुरक्षा पर दिया जोर

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम के अंतर्गत चूरना और तवा बफर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों से जुड़े गाइडों के ज्ञान, कौशल और दक्षता को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 12, 13 सितंबर को चूरना में दो दिवसीय गाइड रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में कुल 31 गाइडों ने सहभागिता की।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 31 गाइडों का दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण, वन्यजीव पर्यटन और सुरक्षा पर दिया जोर
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 31 गाइडों का दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण

सोहागपुर। कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक संचालक, बोरी अभ्यारण्य इटारसी मुकेश जामोर ने किया। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का परिदृश्य और संरक्षण इतिहास, वनस्पति और घासों की पहचान, स्तनधारी और पक्षी विविधता, टाइगर इकोलॉजी सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गाइडों को सतपुड़ा की जैव विविधता, संरक्षण मूल्यों और जिम्मेदार पर्यटन के प्रभावी संवाहक और प्रकृति दूत के रूप में सशक्त बनाना रहा।

सहायक संचालक ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक संचालक, बोरी अभ्यारण्य इटारसी मुकेश जामोर ने किया। उन्होंने गाइडों को वन्यजीव पर्यटन से संबंधित आवश्यक जानकारियां देते हुए पर्यटकों को बेहतर एवं सुरक्षित पर्यटन अनुभव उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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फील्ड विजिट में कराया व्यावहारिक अभ्यास

प्रशिक्षण के दूसरे दिन सुबह फील्ड विजिट के दौरान प्रतिभागियों को ट्रैक और साइन की पहचान, बर्ड कॉल, वृक्ष पहचान, प्रकृति व्याख्या और नैतिक वन्यजीव अवलोकन का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। पर्यटक सुरक्षा, आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार, मॉक इंटरप्रिटेशन, मूल्यांकन और फीडबैक को भी प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया गया।

गाइडिंग एथिक्स और प्रोफेशनल भूमिका पर चर्चा

दूसरे दिवस क्षेत्र संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व राखी नंदा ने गाइडों को संबोधित करते हुए गाइडिंग एथिक्स, प्रभावी गाइडिंग तकनीक और प्रोफेशनल गाइड की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने वृक्षों के रहस्यमयी जीवन और सतपुड़ा की जैव विविधता की भी जानकारी दी।

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जिम्मेदार पर्यटन के लिए गाइडों को किया प्रेरित

नंदा ने पर्यटकों के प्रति शिष्ट और संवेदनशील व्यवहार, अनुशासन, वन्यजीवों के प्रति जिम्मेदार आचरण और तथ्यपरक, प्रभावी प्रकृति व्याख्या पर विशेष जोर दिया। उन्होंने गाइडों को सतपुड़ा के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक वैभव के जिम्मेदार प्रतिनिधि के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गाइडों को केवल वन्यजीव दर्शन कराने वाले सहयोगी के रूप में नहीं, बल्कि सतपुड़ा की जैव विविधता, संरक्षण मूल्यों और जिम्मेदार पर्यटन के प्रभावी संवाहक और प्रकृति दूत के रूप में सशक्त बनाना रहा।

Neelam Tiwari
By Neelam Tiwari

नीलम तिवारी - सोहागपुर के वरिष्ठ पत्रकार, 40 वर्षों से निष्पक्ष, जनसरोकार और ग्रामीण मुद्दों की निर्...Read More

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