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सत्य निकेतन हादसे में कोर्ट का सख्त रुख! PG संचालकों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत, जांच तेज

दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG बिल्डिंग गिरने के मामले में कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने PG संचालक बताए जा रहे सुधांशु और शुभम त्यागी को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सत्य निकेतन हादसे में कोर्ट का सख्त रुख! PG संचालकों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत, जांच तेज
सत्य निकेतन PG संचालक सुधांशु और शुभम त्यागी को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत

नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला PG बिल्डिंग गिरने के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी सुधांशु और शुभम त्यागी को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी हादसे वाली इमारत में PG का संचालन कर रहे थे। 6 सितंबर को हुई इस घटना के बाद से ही पुलिस मामले की जांच कर रही है। इमारत के अचानक गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी और कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

मरम्मत के दौरान भरभराकर गिरी इमारत

पुलिस और सामने आई जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान पांच मंजिला इमारत अचानक गिर गई। हादसा इतना गंभीर था कि मलबे में कई लोग दब गए। राहत और बचाव टीमों ने काफी मशक्कत के बाद लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए। हादसे के बाद इमारत की निर्माण व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं।

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तीन मंजिल की जगह पांच मंजिल बनाने का आरोप

जांच के दौरान यह बात सामने आई कि इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। आरोप है कि जिस इमारत को निर्धारित तौर पर तीन मंजिल तक ही बनाया जाना था, उसे कथित तौर पर पांच मंजिल तक बना दिया गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण किसकी अनुमति से हुआ और निर्माण के दौरान जरूरी नियमों का पालन किया गया था या नहीं। इसके अलावा बेसमेंट में चल रहे मरम्मत कार्य की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या मरम्मत के दौरान किसी तरह की लापरवाही हुई, जिससे इमारत की मजबूती प्रभावित हुई।

बिल्डिंग मालिक समेत कई लोग गिरफ्तार

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता को पहले ही 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा जा चुका है। अब PG संचालकों सुधांशु और शुभम त्यागी को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद मामले की जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका और इमारत में किए गए निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

PG में रह रहे थे दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र

सत्य निकेतन की इस इमारत में दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र भी रहते थे। हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से आए युवा भी शामिल थे। मृतकों में 20 वर्षीय अभिषेक, 20 वर्षीय युवराज सोनी, 17 वर्षीय पवन, 19 वर्षीय अर्पित जहाज और 18 वर्षीय अक्षत सिंह यादव के अलावा 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह का नाम भी सामने आया है। युवाओं की मौत के बाद उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

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दिल्ली हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला

सत्य निकेतन हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में भी जनहित याचिका दायर की गई है। इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, नगर निगम, दिल्ली पुलिस, दिल्ली विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने संबंधित पक्षों से इस मामले पर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दिल्ली सरकार, केंद्र और नगर निगम की ओर से पेश होने की बात कही।

25 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

मामले में अब दिल्ली हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी। इस दौरान संबंधित विभागों और एजेंसियों की ओर से जवाब दाखिल किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। 

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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