SIR विवाद पर ममता बनर्जी का बड़ा हमला, CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और बंगाल में दोबारा चुनाव की मांग

रिपोर्ट्स के मुताबिक चुनाव आयोग के दो आयुक्तों की ओर से SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर आपत्तियां जताए जाने की बात सामने आने के बाद ममता ने यह प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर बंगाल में दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद ममता का हमला
ममता बनर्जी ने वीडियो जारी कर कहा कि SIR को लेकर सामने आई रिपोर्ट बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में ऐसा कभी नहीं देखा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। ममता ने यह भी कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार CEC के पद पर रहेंगे, तब तक देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
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दो चुनाव आयुक्तों ने जताई थीं आपत्तियां
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कई बार आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में नए मतदाताओं को जोड़ने, नाम हटाने और वोटर डेटाबेस से जुड़े कुछ फैसलों पर उनकी आपत्तियों का उल्लेख है।
बीजेपी और चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
ममता ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने पुलिस का गलत इस्तेमाल किया और बीजेपी के साथ मिलकर उसके समर्थक लोगों को तैनात किया। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक विरोध करने वालों के खिलाफ पुलिस का इस्तेमाल हो रहा है और लोगों पर एक खास पार्टी में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। ममता ने आरोप लगाया कि ऐसा नहीं करने पर जेल भेजने की धमकी भी दी जा रही है।
बंगाल में फिर चुनाव कराने की मांग
ममता बनर्जी ने कहा कि अब यह साबित हो गया है कि भाजपा और चुनाव आयोग ने बंगाल विधानसभा चुनाव में धांधली की है। उन्होंने पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर पश्चिम बंगाल में दोबारा विधानसभा चुनाव कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल जल्द ही बैठक करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
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चुनाव चिन्ह को लेकर भी उठाए सवाल
ममता ने आरोप लगाया कि विरोध करने की वजह से उनका चुनाव चिन्ह तक छीन लिया गया। दरअसल, चुनाव आयोग ने सितंबर में तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगाते हुए दोनों गुटों को अलग नाम और चुनाव चिन्ह दिए हैं। ममता गुट ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।



















