7 हत्याएं, PRESS का स्टिकर और इत्र की बोतलें! बेंगलुरु हत्याकांड में चौंकाने वाले खुलासे

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के राजाजीनगर में एक ही परिवार के 7 लोगों की हत्या के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में आरोपी इंदुशेखर और उसकी नाबालिग बेटी को लेकर कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं, जांच के मुताबिक, आरोपी ने महज 15 दिनों के अंदर 7 लोगों की हत्या की और फिर उनके शवों को ठिकाने लगाने की कोशिश की, हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर अपराध के बाद भी वह बेखौफ होकर घूमता रहा। पुलिस को जांच के दौरान आरोपी की कार और उसके परिवार की पुरानी आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं, बताया जा रहा है कि आरोपी ने पुलिस की जांच से बचने के लिए अपनी कार पर ऐसा स्टिकर लगा रखा था, जिससे वह आसानी से चेकिंग से बच सके।
कार पर लगाया था PRESS का स्टिकर, पुलिस को चकमा देने की थी कोशिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि इंदुशेखर ने शवों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए टोयोटा एटियोस कार का इस्तेमाल किया था, इस कार पर उसने बड़े अक्षरों में 'PRESS' का स्टिकर लगा रखा था। इतना ही नहीं, कार के बंपर के ऊपर एक अखबार का बैनर भी चिपका हुआ था। पुलिस को शक है कि आरोपी ने यह सब इसलिए किया था, ताकि होसुर बॉर्डर और दूसरे राज्यों की सीमाओं पर होने वाली चेकिंग के दौरान उसकी गाड़ी को प्रेस की कार समझकर आसानी से जाने दिया जाए, इस तरह वह पुलिस की नजरों से बचकर सीमा पार करना चाहता थ।
कार में मिली इत्र और गुलाब जल की बोतलें
पुलिस ने जब आरोपी की कार की तलाशी ली तो उसके अंदर से चंदन की खुशबू वाले इत्र और गुलाब जल की कई बोतलें मिलीं। जांच अधिकारियों को शक है कि आरोपी इनका इस्तेमाल कार में रखे शवों से आने वाली बदबू को कम करने के लिए करता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने शवों को ले जाने के दौरान इन चीजों का इस्तेमाल किस तरह किया, इसके अलावा जब्त की गई कार पर ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के कुल 14,900 रुपये के चालान भी बकाया मिले हैं।
नाबालिग बेटी के नाम पर देता था POCSO केस की धमकी
इस मामले में पुलिस जांच का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है, शुरुआती जांच के मुताबिक, इंदुशेखर अपनी नाबालिग बेटी का इस्तेमाल दूसरे लोगों को डराने और ब्लैकमेल करने के लिए करता था। बताया जा रहा है कि अगर कोई व्यक्ति उसके गलत व्यवहार पर सवाल उठाता या उससे विवाद करता, तो वह बेटी के जरिए POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने की धमकी देता था। POCSO कानून बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है. आरोपी पर आरोप है कि वह इस कानून के नाम का गलत इस्तेमाल करने की धमकी देकर लोगों को चुप कराने की कोशिश करता था।ॉ
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2025 में भी पार्किंग विवाद को लेकर दी थी धमकी
पुलिस के मुताबिक, साल 2025 में भी इंदुशेखर का एक स्थानीय ड्राइवर से पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। उस दौरान उसने ड्राइवर के खिलाफ अपनी बेटी से POCSO की शिकायत करवाने की धमकी दी थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर पूछताछ की थी. शुरुआती जांच में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई आधार नहीं मिला, इसके बाद पुलिस ने दोनों को चेतावनी देकर छोड़ दिया था।
आरोपी का भाई भी दोहरे हत्याकांड में काट रहा है सजा
बेंगलुरु पुलिस की जांच में आरोपी के परिवार की आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ी एक और बड़ी जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि इंदुशेखर का भाई भी दो लोगों की हत्या के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है. फिलहाल वह जेल में सजा काट रहा है। इस खुलासे के बाद पुलिस आरोपी के परिवार से जुड़े पुराने मामलों और आपराधिक गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है, राजाजीनगर में एक ही परिवार के 7 लोगों की हत्या का यह मामला लगातार नए सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. आरोपी की कार, उसके परिवार की पृष्ठभूमि और हत्या से जुड़े दूसरे सबूतों की जांच की जा रही है, ताकि इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।




















