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पश्चिम बंगाल में चक्रवात 'रेमल' का लैंडफॉल : भारी बारिश से कोलकाता में बाढ़ के हालात, पेड़-खंभे उखड़े; 21 घंटे बाद शुरू हुईं उड़ानें

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पश्चिम बंगाल में चक्रवात 'रेमल' का लैंडफॉल : भारी बारिश से कोलकाता में बाढ़ के हालात, पेड़-खंभे उखड़े; 21 घंटे बाद शुरू हुईं उड़ानें
कोलकाता। साइक्लोन 'रेमल' रविवार रात बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के बीच तट से टकरा गया है। खतरनाक चक्रवाती तूफान रेमल रविवार रात 8.30 बजे पश्चिम बंगाल के कैनिंग और बांग्लादेश के मोंगला में 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आया। लैंडफॉल 4 घंटे तक चला। इस दौरान कई इलाकों में 60kmph की रफ्तार से हवाएं चली और बारिश हुई। जिससे पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे भी गिर गए। सड़कों पर पानी भी भर गया।

21 घंटे बाद दोबारा शुरू हुई फ्लाइट सर्विस

तटीय इलाकों उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मेदिनीपुर, दीघा, काकद्वीप, जयनगर, कोलकाता, हुगली और हावड़ा में 60kmph की रफ्तार से हवाएं चली और बारिश हुई। राजधानी कोलकाता में घर की छत गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा 100 से ज्यादा पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। वहीं कोलकाता के सुभाष चंद्र बोस एयरपोर्ट पर तूफान से पहले रविवार को फ्लाइट सर्विस को बंद कर दिया गया था। जिसे 21 घंटे बाद दोबारा शुरू कर दिया गया, 394 फ्लाइट्स कैंसिल हुई थीं। https://x.com/psamachar1/status/1794982105597747610

तूफान की वजह से 7 लोगों की मौत

कोलकाता में रविवार सुबह 8.30 बजे और सोमवार सुबह 5.30 बजे के बीच 146 मिमी बारिश दर्ज की गई। हल्दिया में 110 मिमी, तामलुक में 70 मिमी और निमिथ में 70 मिमी बारिश हुई। बांग्लादेश में भी तूफान का असर देखा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश में तूफान की वजह से 7 लोगों की मौत हो गई। सरकार ने 1.5 करोड़ लोगों के घरों की बिजली काट दी है। 'रेमल' के तट से टकराने पर 120 किलोमीटर (किमी) प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और सैकड़ों गांवों में पानी भर गया। मौसम विभाग ने बताया कि 'रेमल' सोमवार की सुबह थोड़ा कमजोर हुआ और हवा की गति 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। विभाग ने बताया कि सुबह साढ़े पांच बजे सागर द्वीप से 150 किलोमीटर उत्तरपूर्व में स्थित चक्रवाती तूफान की वजह से मूसलाधार बारिश हुई। हालांकि, उत्तरपूर्व की दिशा में आगे बढ़ते हुए 'रेमल' कमजोर पड़ने लगा। 'रेमल' इस वर्ष के मानसून के मौसम से पहले बंगाल की खाड़ी में बना पहला चक्रवाती तूफान है। मानसून का मौसम जून से सितंबर तक रहता है। हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवातों का नामकरण करने वाली प्रणाली विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) के अनुसार, ओमान ने चक्रवात का नाम 'रेमल' (अरबी में रेत) रखा है। चक्रवाती तूफान के साथ तेज हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई, जिसका प्रभाव बारिसल, भोला, पटुआखली, सतखिरा और चट्टोग्राम सहित अन्य क्षेत्रों में दिखा।

स्थिति से निपटने के लिए 15 हजार लोग तैनात

कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि, 15 हजार लोगों को तूफान के बाद की स्थिति से निपटने के लिए तैनात किया गया है। उखड़े पेड़ों को तत्काल हटाया जा रहा है। कोलकाता पुलिस का डिजास्टर मैनेजमेंट, कोलकाता म्यूनिसिपल की टीम काम कर रही है। पुलिस और म्यूनिसिपल का कंट्रोल रूम पूरी रात काम कर रहा है।

असम में बारिश का अलर्ट जारी

रेमल तूफान के पश्चिम बंगाल में लैंडफॉल के चलते असम के 7 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट और 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भारतीय मौसम विभाग ने 27 और 28 मई को पश्चिम बंगाल के अलावा ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ इलाकों में बारिश की चेतावनी दी है।
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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