मां से दुष्कर्म की कोशिश और हत्या के आरोपी बेटे को फांसी की सजा, कोर्ट ने इसे जघन्यतम अपराध माना

अनिल दुबे, सागर । बंडा के बिनैका थाना क्षेत्र में एक महिला से दुष्कर्म की कोशिश और फिर हत्या के मामले में अपर सत्र जिला न्यायाधीश रामलाल शाक्य की अदालत ने आरोपी बेटे को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने संबंधित धाराओं में आरोपी पर 1-1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने इसे जघन्यतम श्रेणी का अपराध माना है।
मृतका के पति ही थे फरियादी
इस मामले में मृतका के पति और आरोपी के पिता ही फरियादी थे, लेकिन न्यायालयीन कार्रवाई के दौरान वे बयान से मुकर गए। पुलिस जांच में मृतका के शरीर से मिले जैविक साक्ष्य आरोपी के डीएनए से मैच हुए। वहीं घटनास्थल से मिले फिंगर प्रिंट भी आरोपी से मैच हुए। इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध हुआ।
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विरोध किया तो पत्थर और कुल्हाड़ी से हमला
अभियोजन के अनुसार, घटना 19-20 जुलाई 2025 की दरमियानी रात की है। मृतका का पति अपनी बेटी को लेने छतरपुर गया था। घर पर उसकी पत्नी और इकलौता बेटा थे। 20 जुलाई को पति वापस लौटा तो घर में पत्नी का लहूलुहान हालत में शव मिला। घटना के बाद से बेटा फरार था। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी मां के साथ गलत काम करने का प्रयास किया था। मां ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने पत्थर और कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद आरोपी इंदौर भाग गया था। बाद में पुलिस ने उसे बांदरी-मालथौन रोड से गिरफ्तार किया था।
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