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Good News :पानी की बर्बादी रुकी, 10 जिलों के 130 गांवों में 24 घंटे सप्लाई

प्रदेश में पानी की बर्बादी रोकने के बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। गांवों में ग्रामीण समितियां निगरानी कर रही हैं। इस दौरान समझाइश दी जा रही है कि नल में टोंटी लगाना जरूरी है। 
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पानी की बर्बादी रुकी, 10 जिलों के 130 गांवों में 24 घंटे सप्लाई
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अशोक गौतम, भोपाल। राजगढ़ के कुंडिवे गांव के लोगों ने 24 घंटे पानी की सप्लाई करने की मांग अफसरों से की। पीएचई विभाग ने इस शर्त पर सहमति दे दी कि नल की टोंटी तभी खुलेगी जब पानी की जरूरत होगी। दोनों के बीच में लिखित अनुबंध कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्र के समक्ष हुआ। यह सफलता अब एक अभियान में बदल गया है। आज प्रदेश के दमोह, निवाड़ी, सतना, सागर सहित दस जिलों के 130 गांवों में 24 घंटे सप्लाई हो रही है। इससे गांवों में पानी की बचत हुई। प्रदेश में प्रति व्यक्ति प्रति दिन 70 लीटर पानी (LPCD) लगता है। इसी मान से पानी की रोजाना सप्लाई की जाती है। जिन घरों में 24 घंटे पानी की सप्लाई हो रही है वहां ठंड के समय 46 एलपीसीडी और गर्मी में 57 एलपीसीडी लगता है, क्योंकि लोग पानी स्टोर करके उसे दूसरे दिन नाली में नहीं बहाते हैं। इससे 30 फीसदी तक पानी की बचत हो रही। 

    पहले ग्रामीण ऐसे करते थे पानी की बर्बादी

    नल आने पर ग्रामीण बड़े-बड़े बर्तनों और टंकियों में पानी स्टोर करके रख लेते हैं। जब दूसरे दिन फिर पानी की सप्लाई होती है तो जो पानी एक दिन पहले भरा गया था उसमें बचा हुए नाली और खेत में बहा देते थे। अब ग्रामीण अब रोज आवश्यकता के अनुसार नल की टोंटी खोलकर पानी ले सकेंगे, जिससे पानी की बरबादी रुकेगी। इसी तरह ग्रामीण नल की टोंटी बंद नहीं करते थे। पानी भरने के बाद नल से पानी बहता रहता था। इससे करीबन 40 प्रतिशत पानी रोजाना बर्बाद होता था। अब चौबीस घंटे पानी देने की शर्त में ही नल में टोंटी लगाने को शामिल किया गया है। इसकी मॉनिटरिंग स्वयं गांव के लोग करेंगे।

    घरों के अंदर नल लगाए जा रहे

    मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित अब नल कनेक्शन घर के अंदर दे रहा है। पहले घर के बाहर तक पानी की सप्लाई कर छोड़ देता था। इससे लोग जरूरत के लिए पानी भरने के बाद नल खुला छोड़ देते थे। अब घर में नल होने से पानी भरने के बाद हितग्राही को नल बंद करना जरूरी होगा। अगर नहीं बंद किया तो पानी घर के अंदर भर जाएगा। 

    अब जरूरत के अनुसार पानी उपयोग करते हैं

    राजगढ़ के बरखेड़ा गांव के हरिओम दांगी कहते हैं कि हमारे गांव और पास के पांच गांवों में 24 घंटे पानी सप्लाई हो रहा है। ग्रामीणों को शुद्ध जल मिल रहा है। इससे पानी की बचत भी हो रही है, क्योंकि लोग उतना ही पानी भरते हैं, जितनी जरूरत होती है। पानी बेकार न बहाए, इसके लिए जन जागरुकता अभियान चलाया जाता है। 

    ग्रामीणों की मांग पर 24 घंटे पानी दे रहे

    मप्र जन निगम के परियोजना निदेशक संजय अंधवान कहते हैं कि ग्रामीणों में पानी बचत और उसके प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी जा रही है। यह पूरा काम ग्रामीणों के जरिए किया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग पर 24 घंटे पानी की सप्लाई की जा रही है। इससे पानी की बचत भी हो रही है।  

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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