राजीव कटारे, ग्वालियर। घरों का बचा हुआ खाना इकट्ठा कर जरूरतमंदों को देने के लिए शुरू हुई मुहिम अब बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने तक पहुंच गई है। इस काम में लगे सभी 40-50 युवक राबिन हुड आर्मी के सदस्य हैं। सभी सदस्य प्राइवेट जॉब करने के साथ ही समय निकालकर बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं।
राबिन हुड आर्मी से जुड़े मोहित जोशी, शालिनी जैन बताते हैं, हर रविवार को आर्मी के सदस्य सिटी सेंटर, कैलाश विहार में एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में कक्षाएं लगाते हैं। इसके लिए कोचिंग संचालक द्वारा कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। यहां शिफ्टों में कक्षा पहली से लेकर 11वीं तक के बच्चों की कक्षाएं लगती हैं।
राबिन हुड आर्मी के सदस्य बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने के अलावा जरूरतमंद बच्चों को स्कूलों में भी प्रवेश दिलाते हैं। मोहित जोशी के अनुसार, पिछले पांच साल में हमनें 100 बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिला चुके हैं। इसके लिए बच्चों के जो भी डॉक्यूमेंट जैसे-आधार कार्ड या फिर निवास प्रमाण पत्र की जरूरत होती है, उसे भी बनवाते हैं। आर्मी के सदस्य जरूरतमंदों को खाना भी उपलब्ध कराते हैं। मोहित जोशी ने बताया कि हम शादियों एवं किसी घर में शुभ कार्य के दौरान बचा हुआ भोजन कलेक्ट कर रेलवे स्टेशन एवं धर्मशालाओं में लोगों को बांटने का कार्य भी करते हैं।
शालिनी मैडम ने मेरा एडमिशन थाटीपुर सरकारी स्कूल में कराया। मेरा परिवार गरीब है। मैं हर रविवार को मैडम से पढ़ने भी जाता हूं।
विनय, छात्र
एक भैया हमारे यहां आए थे। उन्होंने मुझे पढ़ाने के लिए मेरे माता-पिता को समझाया। तीन साल से मैं हर रविवार को यहां पढ़ाई करने आता हूं।
कार्तिक, छात्र, सिटी सेंटर स्थित स्लम बस्ती