राजीव सोनी,भोपाल। मध्यप्रदेश में BJP संगठन के 15 जिले ऐसे रह गए हैं जहां अध्यक्षों का चुनाव को एक साल हो गया लेकिन अभी तक उनकी टीम का गठन नहीं हो पाया। राजधानी भोपाल से पूरा संगठन संचालित होता है इसके बावजूद यहां भी जिले की टीम का इंतजार लंबा हो गया। भोपाल के अलावा ग्वालियर और सागर जैसे संभागीय मुख्यालय पर भी जिलाध्यक्षों को अपनी नई टीम का इंतजार बना हुआ है। शिवपुरी, छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना जैसे जिले भी इस सूची में शामिल हैं।
BJP सूत्रों का कहना है कि संगठन के सामने अभी एसआईआर, पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह के कार्यक्रम और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व जैसे कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जा रही है। संगठन के सभी पदाधिकारी, संभागीय प्रभारी और जिलों की नई-पुरानी टीमों को मंडल और बूथ स्तर तक पहुंचकर विभिन्न कार्यक्रमों को संपन्न कराने में जुटे हैं।
बताया जा रहा है कि भोपाल, ग्वालियर, सागर, सतना, रीवा जैसे बड़े शहरों के अलावा पन्ना, टीकमगढ़ एवं छतरपुर जैसे जिलों में सत्ता-संगठन के नेताओं में पदाधिकारियों के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही। सांसद, मंत्री-विधायक सहित सीनियर नेताओं की पसंद के नामों की सूची लंबी हो रही है। धर्मसंकट बढ़ता देख जिलाध्यक्षों ने सभी नेताओं की पसंद के नामों का निर्णय पार्टी मुख्यालय पर छोड़ दिया है। प्रदेश संगठन महामंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने संभाग व जिला प्रभारियों को जिलाध्यक्षों की मौजूदगी में सभी नामों पर आम सहमति के साथ सूची फायनल करने को कहा है।
प्रदेश भाजपा में संगठन के 62 जिलों में पहली बार सभी जिलाध्यक्षों का निर्वाचन करीब एक साल पहले प्रदेश के पूर्ववर्ती अध्यक्ष वीडी शर्मा के कार्यकाल में ही हो गया था। लेकिन अभी तक जिलों की टीम का गठन पूरा नहीं हो पाया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अभी 15 जिलों में कार्यकारिणी का गठन होना बाकी है।
जिला कार्यकारिणी गठन में किसी तरह की बाधा नहीं है। सभी नेताओं के बीच सहमति है। अभी संगठन के कार्यक्रम और एसआईआर का काम चल रहा है। इसके बाद जिले की टीम का ऐलान हो जाएगा।
रवींद्र यति, जिलाध्यक्ष भोपाल
जिले के सभी बड़े नेता और सांसद-विधायकों के बीच किसी तरह की असहमति नहीं है। नई टीम की जल्दी ही घोषणा हो जाएगी। अभी पुरानी टीम के सभी पदाधिकारी पूरी लगन से संगठन के कार्यक्रमों में जुटे हैं।
सरोज राजपूत, जिलाध्यक्ष टीकमगढ़